वरिष्ठ साहित्यकार प्रभु नारायण श्रीवास्तव का निधन, साहित्य जगत में शोक की लहर

ओम प्रकाश मिश्रा

मिर्ज़ापुर।


जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार प्रभु नारायण श्रीवास्तव का शुक्रवार की शाम उनके गैवीघाट स्थित निवास पर निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अँग्रेजी विषय के पोस्टग्रेजुएट थे। वह स्थानीय बिनानी पीजी कालेज में अँग्रेजी विभाग के अध्यक्ष के साथ कार्यकारी प्रधानाचार्य भी रहे। वह एक अच्छे और लोकप्रिय कवि थे। उनके दो कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके है। उनका कविता संग्रह उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से सम्मानित हो चुका है। उनके निधन से मिर्जापुर के साहित्यकारों में शोक की लहर व्याप्त हो गयी। बहुत सारे लोगों ने उनके आवास पर जाकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नगर के अनेक गणमान्य लोग उनकी शव यात्रा में शामिल हुए। शनिवार को चौबे घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शोक व्यक्त करने वालों में वृजदेव पांडेय, भोलानाथ कुशवाहा, अरविंद अवस्थी, जफर मिर्जापुरी, गणेश गंभीर, प्रमोद कुमार सुमन,मुहिब मिर्जापुरी,रवींद्र कुमार पांडेय, शुभम श्रीवास्तव ओम,डॉ, अनुराधा ओस, रमाशंकर शुक्ला, वंदना मिश्रा,डॉ चंद्रभूषण पांडेय,इरफान कुरैशी,लल्लू तिवारी,लालव्रत सिंह सुगम,आनंद अमित,प्रमोद चंद्र गुप्त,मधुकर चित्रवंशी, अजिता श्रीवास्तव,खुर्शीद भारती, नंदिनी वर्मा, इम्तियाज अहमद गुमनाम,भानु कुमार मुंतजिर आदि हैं।

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