सिंगरौली के बरगवां में धराया क्राइम ब्रांच का फर्जी पुलिस अफसर

पुलिस बन कर करता था वसूली

सतना, जबलपुर व नरसिंहपुर में कइयों को लगा चुका है चूना,

एएसपी प्रदीप शेंडे ने किया खुलासा

सिंगरौली।
वैढन कोतवाली क्षेत्र के बिलौजी में फर्जी पुलिस अफसर बन कर वसूली करने वाले शातिर नटवरलाल को कोतवाली पुलिस ने बरगवां रेल्वे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। फर्जी पुलिस अफसर बने आरोपी के बैग में पुलिस की वर्दी, नेम प्लेट एवं वर्दी बरामद हुआ है।

उक्ताशय का ए एसपी प्रदीप शेंडे ने पत्रकारों के समक्ष किया । इस सी एस पी अनिल सोनकर, दौरान वै ढ न कोतवाली टी आई मनीष त्रिपाठी ,आशीष तिवारी, व अभिषेक पांडेय मौजूद रहे। जानकारी में आगे ए एसपी श्री शेंडे ने बताया कि गत 13 मई को फरियादी राम नरेश शाह निवासी बिलौजी ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया कि एक सूरज धुर्वे नाम का व्यक्ति अपने आप को क्राइम ब्रांच का पुलिस अफसर बता कर पैसो की मांग कर रहा था,उसने बकायदा वर्दी पहन रखा है और उसके वर्दी पर सूरज धुर्वे नाम का नेमप्लेट भी लगा है। फरियादी के अनुसार उसे पूरा विश्वास है कि वह कोई अधिकृत पुलिस अफसर नही है। सूचना महत्वपूर्ण थी सो कोतवाली टी आई मनीष त्रिपाठी ने एस पी दीपक शुक्ला व ए एसपी प्रदीप शेंडे सिंगरौली को अवगत कराया। वरिष्ठ अधिकारियों दिशा निर्देश मिलने के बाद सी एसपी अनिल सोनकर के निगरानी व टी आई श्री त्रिपाठी के नेतृत्व में शातिर फर्जी पुलिस अफसर को बरगवां रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उसके पास पुलिस अफसर की वर्दी ,नेमप्लेट आदि बरामद हुआ।
पूछ ताछ में अपना नाम सूरज धुर्वे तो रामनरेश पटेल आदि कई नाम बता रहा था जबकि उसका सही नाम भगवान दास पनिका पुत्र रामलाल उम्र 25 वर्ष निवासी माटा गड़ई थाना जियावन है।

2015 से पुलिस अफसर बन कर रहा है वसूली, कुछ माह पूर्व जेल से हुआ था रिहा

ए एस पी श्री शेंडे ने बताया कि गिरफ्तार नटवरलाल आदतन अपराधी है और फर्जी अफसर बन 2015 से वसूली का काम कर रहा है। श्री शेंडे के अनुसार जबलपुर , सतना व नरसिंह पुर में फर्जी पुलिस अफसर बन वसूली करते दबोचा गया है और कई बार जेल भी जा चुका है। 2018 में एक महिला व चालक के साथ मिलकर वसूली के आरोप में नरसिंह पुर पुलिस ने इसे जेल भेजा था जो तकरीबन 8 माह की सजा काटने के बाद रिहा हुआ और सिंगरौली जिले को अपना निशाना बना वै ढन से शुरुआत कर रहा था जो कोतवाली पुलिस की सक्रियता से हत्थे चढ़ गया।

बचपन पुलिस अफसर बनने देखा था सपना

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बचपन से ही पुलिस अफसर बनना चाहता था लेकिन बन नही पाया तो वह नकली पुलिस अफसर बन अपने बचपन का सपना पूरा करने के साथ इसे रोजीरोटी के साधन के रूप में इस्तेमाल करने लगा। हालांकि इस पुलिसिया शौक को पूरा करने के चक्कर मे लगभग सभी उक्त जिलो में पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। नया ठिकाना सिंगरौली को बनाया लेकिन शुरुआत में ही असली पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

इनकी रही भूमिका

ग़ौरतलब है कि एसपी दीपक शुक्ला के निर्देशन ,ए एसपी प्रदीप शेंडे के मार्गदर्शन ,सीएसपी अनिल सोनकर की निगरानी व कोतवाली टी आई मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में उप निरीक्षक अभिषेक पांडेय , संतोष सिंह, डीएन सिंह, अवधेश पटेल , प्रवीण सिंह, जितेंद्र सिंह सेंगर, महेश पटेल, संजय सिंह परिहार आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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