एमआई डब्लूएएस एप्लिकेशन से सरकारी निर्माण कार्यों का पूरा हिसाब होगा डिजिटल

संजय द्विवेदी की रिपोर्ट

अनपरा-सोनभद्र। छह प्रमुख कार्यकारी विभागों के कार्यों का होगा एकीकृत प्रबंधन, डीपीआर से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया होगी स्वचालित। मिजोरम में सरकारी निर्माण कार्यों के प्रबंधन, वित्तीय प्रक्रियाओं और भुगतान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने की दिशा में MIWAS (Mizoram Integrated Works and Accounts Management System) एप्लिकेशन का उपयोगकर्ता स्वीकृति परीक्षण (UAT) आयोजित किया गया। वित्त विभाग की पहल पर लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस परीक्षण में विभिन्न विभागों के इंजीनियरों एवं अधिकारियों ने भाग लेकर एप्लिकेशन की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया।
कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के संयुक्त निदेशक (वित्त एवं लेखा) सी. लुंगमुआनपुड्या ने स्वागत किया। उप सचिव श्री लालदिनपुड्या ने कहा कि MIWAS एप्लिकेशन विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को सरल बनाने के साथ कार्यों के निष्पादन में तेजी लाएगा। उन्होंने अधिकारियों से परीक्षण के दौरान अपने सुझाव एवं समस्याएं खुलकर साझा करने का आग्रह किया।
परीक्षण सत्र में वित्त एवं लेखा अधिकारी एस्थर लालरेमरुआती, इंटरलेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक मिखा मोचाहारी तथा सी-डैक के वैज्ञानिक रंजन येंगखोम एवं परियोजना प्रबंधक सौरभ त्रिपाठी ने एप्लिकेशन की तकनीकी संरचना और उपयोग संबंधी जानकारी दी। इस दौरान आवश्यक पैरामीटरों में संशोधन एवं नए विकल्प जोड़ने पर भी चर्चा की गई।डीपीआर से भुगतान तक एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म MIWAS के लागू होने से निर्माण

परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति, धनराशि आवंटन और लाभार्थियों को भुगतान तक की प्रक्रियाएं डिजिटल एवं स्वचालित होंगी। इसे इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (IFMIS) से भी जोड़ा जाएगा, जिससे विभागीय कार्यों और वित्तीय प्रबंधन में बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।
इस प्रणाली का उपयोग लोक निर्माण विभाग (PWD), लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE), विद्युत एवं बिजली विभाग, भूमि संसाधन, मृदा एवं जल संरक्षण विभाग (LRS&WC), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (IWRD) तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (EFCC) सहित छह कार्यकारी विभाग करेंगे।
परीक्षण के उपरांत आवश्यक सुधारों के साथ एप्लिकेशन को शीघ्र लागू किए जाने की तैयारी है। इसके लागू होने से सरकारी निर्माण कार्यों की निगरानी, वित्तीय अनुशासन और भुगतान व्यवस्था को एकीकृत डिजिटल प्रणाली से संचालित करने में मदद मिलेगी।

मिवास के परियोजना प्रबंधक सौरभ त्रिपाठी का सम्बोधन

मिवास के परियोजना प्रबंधक सौरभ त्रिपाठी ने अपने संबोधन में MIWAS एप्लिकेशन की तकनीकी विशेषताओं एवं उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रणाली का उद्देश्य सरकारी निर्माण कार्यों एवं वित्तीय प्रबंधन की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने बताया कि MIWAS के माध्यम से परियोजना की शुरुआत में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने से लेकर स्वीकृति, बजट आवंटन, कार्यों की प्रगति और भुगतान तक की प्रक्रियाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि एप्लिकेशन को इस प्रकार विकसित किया जा रहा है कि विभिन्न विभाग अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप इसका उपयोग कर सकें। उपयोगकर्ता स्वीकृति परीक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यावहारिक सुझाव प्राप्त करना तथा संभावित तकनीकी कमियों को दूर करना है, ताकि एप्लिकेशन लागू होने के बाद विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने प्रतिभागियों से सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने सुझाव देने का आग्रह किया।

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