करीब तीन माह पूर्व मारकुंडी घाटी में हुई पति-पत्नी की संदिग्ध मौत का मामला
सीजेएम कोर्ट ने चोपन थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने अथवा कराने के साथ ही एक सप्ताह में कृत कार्यवाही से अवगत कराने का दिया आदेश
राजेश पाठक
सोनभद्र। करीब तीन माह पूर्व मारकुंडी घाटी में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई पति-पत्नी की मौत के मामले में सीजेएम न्यायाधीश पंकज की अदालत ने चोपन थानाध्यक्ष को दम्पति समेत चार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना करने अथवा कराने के साथ ही एक सप्ताह के भीतर कृत कार्यवाही से यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है। यह आदेश रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के तिरनाही गांव के निवासी बुल्लू यादव पुत्र नन्दू यादव द्वारा फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता रोशनलाल यादव के जरिए दाखिल 173(4) बीएनएसएस प्रार्थना पत्र पर दिया गया है।
दिए प्रार्थना पत्र में बुल्लू यादव ने अवगत कराया है कि उसके इकलौते लड़के राहुल यादव की शादी 6 मई 2026 को इंद्रावती उर्फ इंदु उर्फ चंदा पुत्री बबुन्दर यादव निवासी बरवा टोला सलखन, थाना चोपन, जिला सोनभद्र के साथ हुई थी। इंदु उर्फ चंदा शादी से पहले करीब 5 वर्ष तक डॉक्टर राम भरोसे उर्फ राजबीर के निजी अस्पताल में नर्स का काम करती थी। बाद में रॉबर्ट्सगंज में दूसरे अस्पताल में नर्स का काम करने लगी। इंदु उर्फ चंदा महज 10 दिन ही ससुराल में रही। विदायी न होने की वजह से चंदा सलखन से ही रोज रॉबर्ट्सगंज अस्पताल आती थी। जिसे दहेज में ससुराल से मिली बाईक से राहुल छोड़ने जाता था। घटना के कुछ दिन पहले राहुल को धमकी मिली थी कि इंदु उर्फ चंदा के ऊपर ज्यादा निगरानी रखने पर ठीक नहीं होगा। यह बात राहुल अपनी मां से बताया था और डर की वजह से कभी कभी चंदा को छोड़ने जाने लगा था। 8 जुलाई 2026 को राहुल चंदा से मिलने की बात कहकर गया,लेकिन शाम तक लौटा नहीं। 12 जुलाई 2026 को पता चला कि चंदा व राहुल की लाश मारकुंडी घाटी में मिली है। मौके पर जाने पर देखा गया कि बाइक को खरोंच तक नहीं आई थी और चंदा और राहुल की लाश को जलाया गया था। इतना ही नहीं शादी से पहले विकास सिंह पटेल निवासी सलखन द्वारा चंदा की अपने साथ नग्न तस्वीर वायरल किया था। यह धमकी भी दिया था कि अगर राहुल के साथ शादी की तो हश्र बुरा होगा। इसी प्रकार से डॉक्टर राम भरोसे उर्फ राजबीर ने भी राहुल से शादी न करने की धमकी दी थी।बबलू यादव व उसकी पत्नी सविता यादव ने भी धमकी दिया था कि तुम्हारा वंश नहीं चलने देंगे। इनलोगों ने निर्मम हत्या की है। इसकी सूचना चोपन थाने में दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कि गई। तब घटना की सूचना एसपी सोनभद्र को रजिस्टर्ड डाक से भेजा, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब मजबूर होकर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता रोशनलाल यादव के तर्कों को सुनने एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर गम्भीर प्रकृति का अपराध मानते हुए पुलिस द्वारा विवेचना कराया जाना आवश्यक मानते हुए प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। साथ ही दम्पति समेत चार लोगों के विरुद्ध चोपन थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने या कराने के साथ ही एक सप्ताह में कृत कार्यवाही से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।
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