ज्ञानवापी मामले में 15 अक्टूबर की मुकर्रर

पुरुषोत्तम चतुर्वेदी की रिपोर्ट

वाराणसी। लॉर्ड स्वयंभू विश्वेश्वर और ज्ञानवापी मामले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड तथा अंजुमन इंतजामियां मसाजिद की तरफ से जिला न्यायलय प्रथम ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद जिला न्यायालय प्रथम राजीव कमल पांडेय ने दोनों पक्षों से फाइल को प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 15 अक्टूबर की मुकर्रर कर दी है।

बता दें कि इस मामले में 18 सितंबर 2020 को निगरानी याचिका दाखिल किया गया था। वहीं कोर्ट ने 28 सितंबर 2020 को 3 महीने की देरी से सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की तरफ से निगरानी याचिका दाखिल करने की बात कह दी, जिसके बाद उसको खारिज करते हुए फैसला सुरक्षित रख के 3 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख निर्धारित किया था, 3 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से मामले की सुनवाई नहीं हो पाई थी।

वहीं जिला जज की अदालत में 6 अक्टूबर 2020 को उसी मामले की सुनवाई करके सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से निगरानी याचिका देरी में दाखिल करने पर 3000 रुपये का अर्थदंड जुर्माना लगाते हुए 13 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख दी गयी थी। डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट में सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से देरी से निगरानी याचिका दाखिल करने पर क्षमा याचना किया था, जिस पर कोर्ट ने अर्थदंड लगाकर आगे सुनवाई जारी रखने के लिए 13 अक्टूबर 2020 की तारीख दिया था। इसी क्रम में आज भी सुनवाई को टाल दिया गया।

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड तथा अंजुमन इंतजामियां मसाजिद ने सिविल जज सीनियर डिविजन फास्टट्रैक के क्षेत्राधिकार को चुनौती देते हुए इस मामले की सुनवाई को लखनऊ में कराने के लिए भी प्रार्थना पत्र दिया था जिसे कोर्ट ने 25 फरवरी 2020 को खारिज कर दिया था।

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