मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आगर-मालवा में 686 करोड़ के कार्याें का भूमिपूजन एवं 179 करोड़ के कार्याें का किया लोकार्पण ओर किये 2 लाख रुपये तक के किसानों को कर्ज माफी सम्मान पत्र वितरित

मध्यप्रदेश जिला आगर मालवा से गिरिराज बंजारिया ✍ पत्रकार की रिपोर्ट
मो.9617717441

जी हां हम बात कर रहे है मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले की जंहा पर जिला मुख्यालय आगर में पहली बार 2 मार्च सोमवार को 686 करोड़ के विकास कार्यो का भुमिपूजन एंव 179 करोड़ के कार्यो का लोकार्पण करने के साथ ही जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तृतीय चरण में 2 लाख रुपये की राशि तक के किसानों को सम्मान पत्र देने के लिये मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ पधारे उन्होंने कहा कि देश की हार्टीकल्चर राजधानी बनाया जाएगा साथ ही यह भी कहा कि कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान माफिया से नहीं अपितु किसानों की मेहनत एवं क्षमता से होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तृतीय चरण के 9448 किसानों को 134.96 करोड़ के कर्जमाफी के सम्मान पत्र वितरित किए तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि आगर-मालवा में आकर उन्हें अपार खुशी महसुस हुई। आगर-मालवा श्रद्धा, सरलता, मानवता की नगरी है। कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्होंने दिल्ली के दंगों में मृत हुए व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने आयोजित कार्यक्रम में 686 करोड़ के कार्याें का भूमिपूजन किया। इसके अन्तर्गत 604 करोड़ कीे हर घर नलजल योजना का भूमिपूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही 179 करोड़ के कार्याे का लोकार्पण किया।

हम आपको बता दे कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधायक सुसनेर राणा विक्रम सिंह की मांग पर आगर-मालवा में फ्रुड प्रोसेसिंग ईकाई की जल्द ही स्थापना करने की घोषणा की।उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति लोगों को जोड़ कर रखती हैं। भारत के अलावा दुनियां में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जहां विभिन्न धर्म, विभिन्न भाषा एवं विभिन्न त्यौहार हो, हमारे देश की संस्कृति अनेकता में एकता वाली है और पूरा देश एक झण्डे के नीचे खड़ा रहता है। यह हमारी महानता एवं भारत की शक्ति है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति एवं इतिहास को सुरक्षित रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत में हमें एक ऐसा प्रदेश सौंपा गया था, जहां किसान आत्महत्या होती थी, बेरोजगारी एवं महिला का सम्मान सुरक्षित नहीं था एवं खजाना खाली था। हमने इसे एक चुनौती के रूप में लेकर कार्य किया और 14 महिने में अपनी नीति एवं नियत का परिचय दिया। किसानों की मौत कर्ज के चलते होती थी, हमने प्रदेश के 21 लाख किसानों का कर्ज माफ किया। आज यदि आपके पास कोई सरकार कार्याें का हिसाब मांगने आए तो आप, 14 महिने की उपलब्धि बताएं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बुजूर्ग बिना सड़क, बिजली, पानी के जीवन काट लेते थे, किन्तु आज का युवा अपने हाथों में काम चाहता है। युवा को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मध्यप्रदेश में निवेश लाने में हम काफी हद तक सफल रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता नवयुवक एवं किसान है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में विगत माह में भारी परिवर्तन हुआ है। किसानों को न्याय तभी मिलेेगा, जब हम उन्हें उनके उत्पादन का उचित दाम दिला सकें। जल्द ही हम कृषि के क्षेत्र में क्रांन्ति लाएंगे। ओर साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर-मालवा जिले में विकास का हम एक नया इतिहास बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अन्तर्गत तृतीय चरण के तहत् किसान फफ्कू बाई, धर्मराज, मेहरवानसिंह, प्रतापसिंह, रामदयाल, हिरालाल, जोरालाल, तिलक सिंह इत्यादि को मंच से किसान सम्मान पत्र का वितरण किया।
कार्यक्रम को प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा जिले के प्रभारी मंत्री जयवर्द्धनसिंह ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विगत 15 वर्षों में प्रदेश में जो कार्य नहीं हुए है, वह कार्य मुख्यमंत्री ने 14 महिने में कर दिखाया है। सरकार ने आगर-मालवा जिले के किसानों के 1 लाख से दो लाख रुपए तक का कर्ज आज माफ किए है। उन्होंने कहा कि जिले के सोयतकलां सहित पूरे आगर जिले में अतिवृष्टि से नुकसान की भरपाई के लिए 150 करोड़ रूपए की मुआवजा राशि प्रभावितों को वितरित की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगर-मालवा पहला जिला है, जहां 604 करोड़ रुपए की हर घर नलजल योजना का भूमिपूजन किया गया है। जिले को बहुत बड़ी सौगात मिली हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने बैजनाथ महादेव मंदिर के विकास कार्याें के लिए पांच करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। जिले में 30 गो-शालाएं स्थापित हुई है। आगामी दिनों में 50 और नई गौशाला स्थापित की जाएगी।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मंत्री सचिन सुभाष यादव ने कहा कि किसानों की मांग थी कि उनके दो लाख रुपए तक के कर्ज माफ किए जाए। आज उनके कर्ज माफ किए गए है। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का कार्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जाएगा।
जल संसाधन मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि शासन ने किसान एवं महिलाओं तथा हर वर्ग के लिए अनेक योजनाएं संचालित की है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पाँसे ने उपस्थित लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को हवा के बाद सर्वाधिक आवश्यकता पानी की पड़ती है। पानी के बिना जीवन शून्य है। उन्होंने कहा कि 604 करेाड़ की हर घर नलजल योजना का आज भूमिपूजन हुआ हैं। कुण्डालिया डेम से पानी लाकर उसे शुद्ध कर आगर-मालवा जिले के 480 गांवों के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जाएगा। इस कार्य का टेण्डर हो चुका है और आगामी तीन वर्षाें में यह योजना मूर्त रूप ले लेगी। उन्होने कहा कि आगर-मालवा का विकास भी छिन्दवाड़ा माॅडल के तर्ज पर किया जाएगा। तथा सुसनेर विधायक राणा विक्रम सिंह ने कहा कि विगत एक वर्ष में आगर-मालवा जिले को विभिन्न सौगाते मिली है। अतिवृष्टि से हुए नुकसान का भी उचित मुआवजा दिया गया है। इसके पहले पूर्व मंडी अध्यक्ष बाबूलाल यादव ने अपने स्वागत उद्बोधन में बताया कि आगर-मालवा जिले में एक वर्ष में अनेक विकास के कार्य हुए है। आगामी पांच वर्षाें में ओर भी अधिक विकास के कार्य किए जाएंगे।
इस अवसर पर कार्यक्रम में जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा, खेल एवं उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह, कालापीपल विधायक कुणाल चैधरी, एनएसयुआई प्रदेश अध्यक्ष विपीन वानखेड़े सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, आमजनता, किसान, प्रिन्ट एवं इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।

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