कभी एथलीट नहीं बनना चाहती थीं हिमा, 18 दिन में जीते 5 गोल्ड मैडल

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खेल डेस्क।नोव मेस्तो (चैक गणराज्य): भारत की स्टार फर्राटा धाविका हिमा दास ने अपना स्वर्णिम अभियान जारी रखते हुए शनिवार को यहां 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया है जो उनका इस महीने में अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में 5वां स्वर्ण पदक भी है। हिमा ने यहां 400 मीटर स्पर्धा में 52.09 सैकेंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने इस दौड़ को अपने दूसरे सर्वश्रेष्ठ समय में पूरा किया। उनका निजी सर्वश्रेष्ठ समय 50.79 सैकेंड है जिसे उन्होंने पिछले वर्ष हुए एशियाई खेल के दौरान हासिल किया था।

5वां स्वर्ण पदक जीतने के बाद 19 वर्षीय हिमा ने ट्वीट कर कहा, ‘चैक गणराज्य में 400 मीटर दौड़ में शीर्ष पर रहकर अपनी दौड़ पूरी की।’ इससे पहले उन्होंने इसी महीने की 2 जुलाई को पोलैंड में पोजनान ग्रां प्री में अपना पहला स्वर्ण जीता था जबकि पोलैंड में ही 7 जुलाई को कुत्नो एथलेटिक्स मीट में पहले स्थान पर रहते हुए दूसरा, गत 13 जुलाई को चैक गणराज्य में क्लाडनो एथलेटिक्स मीट में तीसरा और 17 जुलाई टेबोर एथलेटिक्स मीट में अपना चौथा स्वर्ण पदक जीता था। हिमा ने पहले 4 स्वर्ण 200 मीटर दौड़ में जीते थे।

पिछले साल चर्चा में आई थीं हिमा
हिमा दास ने जुलाई 2018 में अंडर- 20 एथलैटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर की दौड़ में पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मैडल जीतकर इतिहास रच दिया था। हिमा ने राटिना स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 51.46 सैकेंड का समय निकालते हुए जीत हासिल की थी। हिमा ने इसी साल असम बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षा फस्र्ट डिवीजन से पास की है। हेमा ने कभी नहीं सोचा था कि वह भविष्य में एथलिट बनेंगी। वह लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थीं। एक बार स्थानीय कोच ने उन्हें सलाह देते हुए कहा था कि फुटबॉल की बजाए उन्हें एथलैटिक्स में अपना कैरियर बनाना चाहिए। वहीं हिमा के माता- पिता इस बात पर बिल्कुल राजी नहीं थे कि हिमा कहीं दूर जाकर ट्रेनिंग करें लेकिन हिमा के कोच निपॉन ने परिवार वालों को जैसे तैसे राजी कर लिया जिसके बाद हिमा दास को उनके कोच ने ट्रेनिंग देनी शुरू की और बहुत जल्द ही वह बेहतरीन स्पीड पकड़ने में सफल होगा।सोर्स ऑफ दैनिक सबेरा।

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