पीएम नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने सुलझाया मसला

लोकसभा चुनाव 2019 की अधिसूचना लगने से पहले पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास, प्रोजेक्ट पूरा होते ही बदल जायेगी शहर की तस्वीर

वाराणसी।पीएम नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट को बड़ी राहत मिल गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने मसला सुलझा कर प्रोजेक्ट पूरा होने की राह आसान कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद लोगों को मुआवजा भी मिलेगा। पीएम मोदी ने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास लोकसभा चुनाव 2019 की अधिसूचना लगने से पहले किया था। माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही शहर की तस्वीर बदल जायेगी।

पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास किया है। बनारस की पहचान काशी विश्वनाथ मंदिर के पास के क्षेत्र के विकसित करने के लिए ही यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। प्रोजेक्ट के तहत दर्जनों घरों का अधिग्रहण करके उन्हें हटाया गया है। प्रोजेक्ट के तहत काशी विश्वनाथ मंदिर के पास बने कारमाइकल लाइब्रेरी का अधिग्रहण करना था। इस भवन में कुछ दुकाने थी जिनके मालिकों ने अधिग्रहण से पहले मुआवजा मांगा था। यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा था और हाईकोर्ट से ने कारमाइकल लाइब्रेरी को गिराने का आदेश दिया था इसके बाद दुकान के मालिक ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। दुकान के मालिकों ने कहा था कि उन्हें मुआवजा या अन्य किसी जगह दुकान दी जाये। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 12 जून को यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के साथ यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था। बाद में सुनवाई के बाद जस्टिस दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने राज्य सरकार को इन छह दुकानदारों को 16-16 लाख रुपये देने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब सारी स्थिति साफ हो गयी है। दुकानदारों को मुआवजा मिलेगा और कारमाइक लाइब्रेरी को हटा कर प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू हो जायेगा।

*काशी विश्वनाथ कॉरीडोर पर खर्च होंगे 600करोड़, गंगा स्नान कर श्रद्धालु सीधे करेंगे बाबा विश्वनाथ का दर्शन
पीएम नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरीडोर या काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण पर लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक बार यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है तो भक्त गंगा स्नान कर सीधे काशी विश्वनाथ का दर्शन करेंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर से ललिता घाट तक लगभग 39 हजार वर्ग मीटर में यह कॉरीडोर बनाया जा रहा है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के तहत मणिकर्णिका घाट से लेकर ललिताघाट तक सारे निर्माण कार्य होंगे। मंदिर परिसर में लगभग 450 मीटर लम्बा गंगा तट और 45 मीटर चौड़ा धाम का निर्माण किया जायेगा। मंदिर के पास श्रद्धालुओं के आराम करने व ठहरने की व्यवस्था होगी। काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त भी रहेंगे। काशी विश्वनाथ धाम में सभागार, संग्राहलय, मल्टीस्टोरी शौचालय, योगा स्थल, भजन संध्या के लिए जगह, मणिकर्णिका घाट पर ओपेन थियेटर, रैप, भजन संध्या के लिए हाल आदि की सारी व्यवस्था रहेगी। काशी विश्वनाथ कॉरीडोर में जाने के लिए चार मार्ग भी प्रस्तावित किया गया है।

*पीएम मोदी ने कहा था कि पहले होती हमारी सरकार तो अब तक बन गया होता काशी विश्वनाथ धाम
पीएम नरेन्द्र मोदी ने आठ मार्च 2019 को काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास किया था। उस समय पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि वर्ष 2014में वह केन्द्र सरकार में आये थे उस समय यूपी में अखिलेश यादव की सरकार थी। वर्ष 2017 में यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार आयी थी। पीएम मोदी ने कहा था कि यदि केन्द्र में जब उनकी सरकार थी और उस समय यूपी में भी बीजेपी सरकार होती तो वह इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास नहीं लोकार्पण करने आज आये होते।

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