कई बार एकतरफा जीत से ज्यादा संतुष्टि लड़खड़ाहट भरी जीत से मिलती है। मैं जानता हूं कि यह बात सही नहीं लग रही होगी। मगर इसका दूसरा अर्थ यह भी है कि आप परफेक्ट होने के अपने प्रयास छोड़ते नहीं हैं। यह आपको अहसास कराता है कि आप किसी चीज को हल्के में नहीं ले सकते। एक धीमी और बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पिच पर दिल्ली कैपिटल्स को हराने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद की टीम कुछ ऐसा ही महसूस कर रही होगी। हैदराबाद की टीम यहां दो मैचों में 200 से अधिक का स्कोर बनाने के बाद आई थी, लेकिन यहां 130 के स्कोर तक पहुंचने में भी उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
टीम अब वापस हैदराबाद वापस पहुंच गई है, जहां गेंद आसानी से बल्ले पर आती है। यहां स्टेडियम नारंगी रंग से रंगा होगा। मगर इस बार उनके सामने मुंबई इंडियंस की टीम होगी, जिसे हैदराबाद के हालात रास आएंगे। यहां रनों का अंबार लगने की पूरी उम्मीद है। इसका यह भी मतलब हुआ कि दोनों टीमों की गेंदबाजी मैच का अंतर साबित होगी।
स्पिनरों की मददगार पिच पर चेन्नई-पंजाब का मुकाबला
वहीं दूसरा मुकाबला चेन्नई सुपरकिंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच होगा। चेन्नई की टीम घरेलू मैदान पर स्पिनरों की मददगार पिच बनाने का जोखिम नहीं उठा सकती क्योंकि पंजाब की टीम में भी अश्विन समेत कई अच्छे स्पिनर हैं। खासकर अश्विन यहां के हालात से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
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