दो दोषियों पर 16-16 हजार रूपये अर्थदंड, जबकि दो पर 21-21 हजार रुपये अर्थदंड,न देने पर 3- 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
जेल में बिताई अवधि सजा में होगी समाहित
साढ़े 10 वर्ष पूर्व पिता को पकड़ कर जाति सूचक शब्दों से गाली देते हुए 80 हजार रुपये फिरौती मांगने का मामला
राजेश पाठक
सोनभद्र। साढ़े 10 वर्ष पूर्व पिता को पकड़ कर जाति सूचक शब्दों से गाली देकर अपमानित कर 80 हजार रुपये फिरौती मांगने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र गोविंद मोहन की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए चार दोषियों को दोषसिद्ध पाकर 3- 3 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। वहीं दो दोषियों पर 16- 16 हजार रूपये अर्थदंड , जबकि दो पर 21-21 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर 3- 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक शाहगंज थाना क्षेत्र के आशाताली गांव निवासी दिनेश कुमार पुत्र प्रेम ने 13 नवंबर 2015 को शाहगंज थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है। उसके पिताजी जमीन क्रय विक्रय का कार्य करते हैं। 11 नवंबर 2015 को शाम 8 बजे उसके पिताजी यह कहकर आवश्यक कार्य से बाहर जाने को कहकर निकले थे कि एक दिन बाद लौटेंगे। उसके पिताजी प्रायः जमीन खरीद विक्रय के वास्ते अचानक आते जाते हैं। 12 नवंबर 2015 को बाला उर्फ शंकर सरन पुत्र रामनाथ हरिजन निवासी टेढ़ी, थाना शाहगंज, जिला सोनभद्र ने किसी दूसरे की मोबाइल से फोन करके बताया कि तुम्हारे पिताजी शक्तेशगढ़ मिर्जापुर में रुके हैं। उसने दो मोबाइल का नम्बर दिया और कहा कि इस नम्बर पर बात कर लो नहीं तो लोग तुम्हारे पिता को जान से मार देंगे। इस बात को सुनकर वह घबड़ा गया और अपने चाचा से सारी बात बताया तो चाचा ने फोन किया तो उन लोगों ने जाति सूचक शब्दों से गाली देते हुए कहा कि 80 हजार रुपये पहुंचा दो बहुत जमीन में दलाली का पैसा कमाया है, अन्यथा जान से मार देंगे। तुम्हारे पिता को बदमाशों ने पकड़ा है। इसमें बाला भी उनसे मिला है। इस तहरीर पर पुलिस ने एफ आई आर दर्ज कर मामले की विवेचना की। विवेचना के दौरान बाला के अलावा तीन अन्य लोगों का नाम प्रकाश में आया, जिनमे जोखन हरिजन पुत्र जग्गू हरिजन निवासी ग्राम टेढ़ा, थाना शाहगंज, जिला सोनभद्र,धर्मेंद्र पटेल पुत्र हरिशंकर पटेल निवासी खैरटिया, थाना चुनार, जिला मिर्जापुर व दिलीप कुमार पटेल पुत्र आशिक राम पटेल निवासी तेंदुआ, थाना चुनार, जिला मिर्जापुर शामिल हैं। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान तथा पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर चारों दोषियों बाला उर्फ शंकर सरन, जोखन हरिजन, धर्मेंद्र पटेल तथा दिलीप कुमार पटेल को दोषसिद्ध पाकर 3-3 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। बाला व जोखन पर 16-16 हजार रूपये अर्थदंड व धर्मेंद्र पटेल तथा दिलीप कुमार पटेल पर 21-21 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। वहीं अर्थदंड न देने पर 3- 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सी शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।
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