मुझे मेरे किरदार रंजू के लिए बिहारी लहजा सीखना पढ़ा।

मुंबई, २३ फरवरी २०२१: अभिनय एक ऐसा शिल्प है जिसमें दिए गए चरित्र की बारीकियां पकड़ कर उसे अच्छी तरह निभाना अनिवार्य है। एक अभिनेता अपने किरदार को सही तरह पकड़ने के लिए उसकी बोली पकड़ने कि कोशिश करता है और यहां तक कि उसका चलने का ढंग भी सीखता है। रीना कपूर, जो वर्तमान में दंगल टीवी के नए शो रंजू की बेटियां में शीर्षक भूमिका में दिखाई दे रही हैं, ने चरित्र के लिए अपने तय्यारी के तरीके साझा किए हैं। वह उल्लेख करती है कि उन्हे रंजु को वास्तव में चित्रित करने के लिए बहुत कुछ सीखना है।

“यह मुजफ्फरपुर, बिहार में आधारित एक कहानी है। इसलिए, मुझे उस जगह की बोली सीखनी पड़ी। वे ‘श’ को ‘स’ के रूप में उच्चारण करते हैं और यह कुछ ऐसा था जिस पर मुझे काम करना था। इसके अलावा, रंजू बहुत ज्यादा पढ़ी – लिखी नहीं है, इसलिए मैं उस स्वर में बात करने की कोशिश करती हूं, जहां वह ‘फोन’ को ‘प्होन’ कहती है। इसलिए, जब भी मुझे अपने शॉट्स के बीच समय मिलता है, मैं अपनी स्क्रिप्ट पढ़ती हूं और एक सामान्य बिहारी महिला की तरह टोन को परफेक्ट करने की कोशिश करती हूं। ‘

यह पूछे जाने पर कि क्या किरदार को समझना मुश्किल था, उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगी कि यह बहुत मुश्किल है क्योंकि यह ऐसा कॉन्सेप्ट है जो हम अपने आस-पास देखते हैं और यह मेरे लिए बहुत अलग या नया नहीं है। सौभाग्य से, मैंने इसका अनुभव नहीं किया होगा, लेकिन दुर्भाग्य से, मैंने इसे अपने आसपास देखा है। तो नहीं, चरित्र को समझना मुश्किल नहीं था। लेकिन मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस किरदार के लिए मुझे स्वीकार करेंगे। ”

रंजू की बेटियां एक मां, रंजू की दिल को छू लेने वाली और एक पितृसत्तात्मक समाज में 4 बेटियों की परवरिश का उनका संघर्ष की कहानी है। देखे रंजु की बेटीया रात 9.30 बजे केवल दंगल टीवी पर।

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