अमर, वीरता, त्याग और रक्षक चक्र पर केंद्रित युद्ध स्मारक का उद्घाटन आज

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नई दिल्ली.पुलवामा हमले के बाद हर तरफ सैनिकों की बात हो रही है। इस बीच, शहीद सैनिकों के सम्मान में देश का पहला नेशनल वॉर मेमोरियल तैयार हो गया है। राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट के पास 40 एकड़ एरिया में बने इस मेमोरियल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मेमोरियल को देश की रक्षा की खातिर शहीद होने वाले 25 हजार 942 से वीर जवानों की याद में बनाया गया है।

शुरुआती लागत करीब 500 करोड़ रुपए

नेशनल वॉर मेमोरियल को ऐसे तैयार किया गया है, जिससे राजपथ और इसकी भव्य संरचना के साथ कोई छेड़छाड़ न हो। इससे लगे प्रस्तावित नेशनल वॉर म्यूजियम के लिए उपयुक्त डिजाइन तय करने की प्रक्रिया चल रही है। इसकी शुरुआती लागत करीब 500 करोड़ रुपए है और इसे तैयार होने में अभी कुछ साल और लगेंगे। षटभुज(हेक्सागोन) आकार में बने मेमोरियल के केंद्र में 15 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ बनाया गया है। इस पर भित्ति चित्र, ग्राफिक पैनल, शहीदों के नाम और 21 परमवीर चक्र विजेताओं की मूर्ति बनाई गई है। स्मारक चार चक्रों पर केंद्रित है- अमर चक्र, वीरता चक्र, त्याग चक्र, रक्षक चक्र। इसमें थल सेना, वायुसेना और नौसेना के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई है। शहीदों के नाम दीवार की ईंटों में उकेरे गए हैं।

ब्यूरोक्रेट्स के गतिरोध ने नहीं बनने दिया था

पहली बार 1960 में नेशनल वॉर मेमोरियल बनाने का प्रस्ताव सशस्त्र बलों ने दिया था। सरकारों की उदासीनता के साथ ही ब्यूरोक्रेट्स और सेना के बीच गतिरोध की वजह से इसका निर्माण नहीं हो सका। केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद कैबिनेट ने अक्टूबर 2015 में इस स्मारक के निर्माण को मंजूरी दी थी। तब तक 6 दशक गुजर चुके थे।

इंडिया गेट 1931 में बना, 1972 में अमर जवान ज्योति

  • दुनिया के बड़े देशों में सिर्फ भारत में ही अब तक युद्ध स्मारक का निर्माण नहीं हुआ था।
  • अंग्रेजों ने पहले विश्व युद्ध में शहीद भारतीयों की याद में 1931 में इंडिया गेट बनवाया था।
  • 1971 के युद्ध में शहीद हुए 3843 सैनिकों के सम्मान में अमर जवान ज्योति बनाई गई थी।

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इंडिया गेट के पास 40 एकड़ एरिया में बने मेमोरियल की लागत 500 करोड़ रुपए है, म्यूजियम बनना अभी बाकी।


पूरा बनने के बाद ऐसा दिखेगा वॉर मेमोरियल।


दीवार पर वीरों के नाम उकेरे गए हैं।

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