Wednesday , September 16 2026

60वर्ष पुर्व जर्जर घाघर पुलिया का अस्तित्व खतरे में

भारी वाहनों के वर्जित के बावजूद आवागमन जारीगुरमा-सोनभद्र(मोहन गुप्ता)- जिला कारागार और मारकुंडी मुख्य राज मार्ग मध्य 60वर्ष पुर्व की बनी घाघर पुलिया का अस्तित्व खतरे में है जब कि सीमेंट फैक्ट्री के समय का बना पुल काफी पुराना होने के साथ बर्षा के साथ धंधरौल बाध का पानी इसी घाघर नदी से निकासी की व्यवस्था की गई है। जो समय केसाथ वर्षात की बाढ़ झेलते हुए काफी जर्जर हो चुकी है। जिला प्रशासन भी इसकी दशा देखकर घाघर पुल के पास भारी वाहनों बर्जित बोर्ड भी लगा दिया है। इसके बावजूद भारी वाहनों का आवागमन बाधित नहीं हुआ है। जिससे कभी भारी वाहनों के आवागमन को लेकर किसी भी दिन किसी दुर्घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से भारी वाहनों पर रोक लगाने के साथ नये पुल निर्माण करने की मांग की है जिससे जिला कारागार का आवागमन बाधित न हो सके।

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