नई दिल्ली. मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बजट बतौर कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल पेश कर रहे हैं। बजट में वेतनभोगियों के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ ग्रेच्युटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए किया है। जानिए बड़े बदलावों के बारे में…
- नई पेंशन स्कीम में सरकार के योगदान को 4 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है।
- जो लोग 21 हजार रुपए प्रतिमाह कमाते हैं उन्हें बोनस मिलेगा। यह बोनस 7 हजार रुपए किया है।
- ग्रैच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की गई है। हर श्रमिक के लिए न्यूनतम पेंशन अब एक हजार रुपए हो चुकी है।
- सरकार श्रमिक के पेंशन अकाउंट में बराबर का योगदान देगी।
- सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सौगात देते हुए उनके लिए पेंशन स्कीम का ऐलान है। इस स्कीम का नाम प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना है। 10 करोड़ मजदूरों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस पेंशन स्कीम के तहत मजदूरों को 3,000 हजार रुपए प्रति माह मिलेंगे।
- इस योजना का लाभ मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए मजदूरों को प्रति माह 100 रुपए का अंशदान करना होगा जिसके बाद उन्हें 3,000 रुपए प्रति माह मासिक पेंशन मिलेगी।
- सर्विस के दौरान किसी श्रमिक की मृत्यु होने पर EPFO से मिलने वाली सहायता राशि 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 6 लाख रुपए कर दी गई।
- अब 25 हजार की कमाई वालों को ESI का कवर मिलेगा।
- अब कर्मचारियों के एनपीएस में सरकार अपनी तरफ से 14 प्रतिशत का योगदान करेगी।
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