राष्ट्रीय सेवा योजना से संबंधित आवश्यक विषय पर विचार व्यक्त किया गया
सोनभद्र। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एनटीपीसी परिसर शक्ति नगर के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई दो एवं तीन के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियान एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें दोनों इकाइयों के स्वयं सेवकों ने संयुक्त रूप से बढ़ चढ़कर


भाग लिया। श्रमदान के उपरांत बौद्धिक चर्चा आयोजित की गई। जिसमें पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ दिनेश कुमार ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा की राष्ट्रीय सेवा योजना का मंच एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा स्वयंसेवक अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास कर सकता है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं प्रथम कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मानिक चंद पांडेय ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना से संबंधित आवश्यक विषय पर विचार व्यक्त किया। राष्ट्रीय सेवा योजना की मूल भावना की ओर स्वयंसेवकों का ध्यान दिलाया।उनका मानना था की राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा स्वयंसेवक अपना समग्र विकास कर सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य समाज के लोगों के साथ मिलकर विकास को एक नई गति प्रदान करना है, क्योंकि इसके मूल में नर सेवा नारायण सेवा का भाव है। जब तक युवा समाज के साथ जुड़कर कार्य नहीं करेगा, तब तक उसके मन में अपने समाज एवं देश के गौरव भाव उत्पन्न नहीं होगा, और उसके मन में कहीं ना कहीं संकोच रहेगा। राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयं सेवकों के व्यक्तित्व के विकास के साथ-साथ देश और समाज के प्रति भी अनुराग का भाव पैदा करती है। इसी क्रम में डॉ. रागिनी श्रीवास्तव ने संबोधित करते हुए स्वयं सेवकों को नियमित रूप से शिविर में अपनी उपस्थिति के साथ-साथ स्वस्थ भावना को जागने की बात की। स्वयं सेविका अंशिका सिंह मल्ल ने राष्ट्रीय सेवा योजना को छात्रों के व्यक्तित्व के उन्नयन में महत्वपूर्ण अवयव के रूप में बताया और कहा की राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा स्वयंसेवक सेवा और समर्पण के भाव से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ मृत्युंजय कुमार पांडेय ने कार्यक्रम के आयोजन की उपादेयता तथा अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि 24 सितंबर 1969 में को ही राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना की गई थी, जिसके मूल में स्नातक स्तर के छात्र-छात्राओं को अध्ययन के साथ-साथ समाज से जोड़ने की जो मूल भावना थी उसको मूर्त रूप प्रदान किया गया । जिसमें आज यह योजना निरंतर सफलता की ओर अग्रसर है। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ मनोज कुमार गौतम ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। इस कार्यक्रम में डॉ निशा सिंह, प्रशांत कुमार विश्वकर्मा, डॉ अविनाश कुमार दुबे, अजय लक्ष्मी के साथ- साथ अन्य अध्यापक व विशेष जायसवाल, विकास कुमार चौबे, महक सिंह, तनु, साधना प्रजापति नागेश मुस्कान शर्मा आदि मौजूद रहे।
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