सोनभद्र की नगर पंचायतों में पेटी संविदा प्रथा पर उठ रहे सवाल

विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर चिंता

संजय द्विवेदी

अनपरा, सोनभद्र। जिले की नगर पंचायतों में विकास कार्यों के निष्पादन को लेकर पेटी संविदा (सब-कॉन्ट्रैक्ट) व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ बाहरी संविदाकार टेंडर प्राप्त करने के बाद स्वयं कार्य कराने के बजाय उसे पेटी संविदाकारों को सौंप देते हैं। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मूल संविदाकार टेंडर हासिल करने के बाद अपने आर्थिक लाभ को प्राथमिकता देते हैं और कार्य को कम दर पर पेटी संविदाकारों से करवाने का प्रयास करते हैं। आरोप है कि कई मामलों में लंबे समय तक उपयुक्त पेटी संविदाकार की तलाश में कार्य प्रारंभ ही नहीं हो पाता, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित होती हैं और नगर पंचायतों के विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब होता है।
यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि पेटी संविदाकारों के पास कई बार पर्याप्त संसाधन और तकनीकी क्षमता नहीं होती, जिसके कारण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होती है। निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण न होने से आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
चर्चा यह भी है कि कई मामलों में पेटी संविदाकार कार्य पूरा करने के बावजूद समय पर भुगतान से वंचित रह जाते हैं। आरोप है कि नगर पंचायत से भुगतान प्राप्त होने के बाद भी मूल संविदाकार उप-संविदाकारों का भुगतान लंबित रखते हैं, जिससे आर्थिक शोषण, विवाद और तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है।
जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों का मानना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा की जानी चाहिए। उनका कहना है कि जिस संविदाकार को टेंडर आवंटित किया गया है, उसी को कार्य का प्रत्यक्ष निष्पादन करना चाहिए तथा भुगतान और गुणवत्ता की संपूर्ण जिम्मेदारी भी उसी की तय होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो आवश्यक कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।इस सम्बंध एडीएम वित्त एवं राजस्व वागीश शुक्ला से दूरभाष पर सम्पर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया किंतु संपर्क नही हो पाया।
सोनभद्र से संजय द्विवेदी की रिपोर्ट

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