अनपरा-सोनभद्र। रिहंद जलाशय में अनपरा तापीय परियोजना की राख बेधड़क बहायी जा रहीं। रिहंद जलाशय में तापीय परियोजना की राख नहीं बहाएं जाने को लेकर शासन, प्रदूषण विभाग एवं एनजीटी की ओर से सख्त निर्देश दिये गये हैं। लेकिन परिक्षेत्र में राख हटाव के लिये निर्धारित मानकों को जमकर माखौल उड़ाया जा रहा हैं। गुरूवार की रात्रि डी प्लांट बैरियर के समीप लगभग 500 मीटर की दूरी पर पाइप का वाल्व खोलकर राख बहाया जाता रहा। शुक्रवार की सुबह इसकी जानकारी

प्रबंधन को दिये जाने पर परियोजना में अफरा-तफरी मच गयी। परियोजना के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच राख बहाएं जाने के कारणों की जानकारी हासिल कर उत्पन्न समस्या के निस्तारण में जुटे रहें।स्थानीय लोगों का कहना हैं कि आएदिन परियोजना के संबंधित अधिकारी के शह पर राख बहाने के लिये बिछाई गयी पाइप लाइन का वाल्व खोल दिया जाता हैं। जिससे भारी मात्रा में राख जंगल-नाला होते हुये रिहंद जलाशय में पहुंच रहा हैं। राख को जलाशय में बहाएं जाने से उसका पानी निरंतर प्रदूषित हो रहा हैं। ऊर्जांचल के लाखों लोगों एवं परियोजना संचालन के लिये जलश्रोत का मुख्य केंद्र रिहंद जलाशय ही हैं। परियोजना की ओर से राख बहाएं जाने से रिहंद जलाशय में काफी दूरी तक राख पहुंच गयी हैं। पहले भी इसी तरह राख को जलाशय में बहाया जाता रहा।जिसपर प्रबंधन ने पहल कर खोले गये तीन पाइपों को बंद कर राख बहाव पर अंकुश लगाया। लेकिन इस तरह की घटनाएं आएदिन हो रही हैं। पाइप खोलकर राख एसी जगह पर बहाया जाता हैं जहां पर कोई पहुंच नही पांए। वहां किसी की नजर नही पड़ने पाए।