रवि कुमार सिंह
दुद्धी-सोनभद्र। दुद्धी वन क्षेत्र के बीड़र गाँव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में वन विभाग द्वारा विश्व गौरैया दिवस मनाया गया। गोरैया दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुद्धी रेंजर गर्जन सिंह रहें। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि कभी हमारे घरों में और उसके आसपास बड़ी संख्या में गौरैया दिखती

थीं, लेकिन धीरे-धीरे इनकी गिनती कम होती जा रही है। गौरैया के संरक्षण के लिए हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसका मकसद गौरैया संरक्षण और इसके महत्व के बारे में जागरुकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि ये

छोटी चिड़ियां पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये कीट नियंत्रण में मदद करती हैं। इस दिन को मनाकर हम इनके संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। इनका मुख्य भोजन धान, तिल, सावाँ का बीज, तथा फल और कीट पतंगे होती हैं, इसके संरक्षण के लिए अपने आवास तथा घरों पर पानी

एवं अन्न आदि की व्यवस्था करके इनका संरक्षण किया जा सकता हैं। गोरैया घरों के पास रहती हैं तो घरों का माहौल भी मनमोहक होता हैं तथा सुबह -सुबह इनकी चह -चहाहट से लोग भोर में जागते भी थे। इस दौरान नाटक नुकड़ के माध्यम से गोरैया संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर सभी गोरैया संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक मुसाई राम एवं सहायक अध्यापक अर्चना सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से वन दारोगा हीरालाल, अनिल सिंह, माधव राम, वन रक्षक सुरेन्द्र यादव, अमित कुमार, सूरज यादव के अलावा शम्भु राम उग्रह, अशोक सहित अन्य वन कर्मचारी मौजूद रहें।