गैंगस्टर एक्ट: गैंग लीडर समेत तीन दोषियों को 7- 7 वर्ष की कैद

5- 5 हजार रूपये अर्थदंड , अर्थदंड न देने पर एक एक माह की अतिरिक्त कैद

  • जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी
  • विधि संवाददाता/राजेश पाठक

सोनभद्र। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी/सीएडब्ल्यू सोनभद्र परितोष श्रेष्ठ की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए गैंग लीडर समेत तीन दोषियों को दोषसिद्ध पाकर 7- 7 वर्ष की कैद एवं 5- 5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक थानाध्यक्ष करमा हरिश्चंद्र सरोज ने करमा थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि शक्ति चौहान निवासी भड़कवाह, थाना करमा, जिला सोनभद्र का एक सक्रिय गैंग है, जिसका वह गैंग लीडर है। जिसके सक्रिय सदस्य उसके गांव के ही बृजलाल चौहान और विनोद हैं। इनके विरुद्ध हत्या, आर्म एक्ट के तहत मुकदमा विचाराधीन है। लोगों में भय पैदा कर आर्थिक लाभ हेतु कार्य करना इन लोगो का एकमात्र कार्य है। यहीं वजह है कि इनके विरुद्ध कोई भी मुकदमा लिखवाने अथवा गवाही देने की जुर्रत नहीं करता है। जिसकी वजह से इनका वर्चस्व कायम है। इस तहरीर पर 27 सितंबर 2017 को करमा थाने में गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज किया गया है। विवेचना के उपरांत पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। इसी मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर गैग लीडर शक्ति चौहान, बृजलाल चौहान और विनोद को 7- 7 वर्ष की कैद एवं 5- 5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।अर्थदंड न देने पर एक एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर कोर्ट धनंजय शुक्ला एडवोकेट ने बहस की।

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