बैंक उपभोक्ता दर-दर की खा रहे ठोकरें, उदासीन अधिकारियों के भेंट चढ़ हो रहे शोषण के शिकार

दुद्धी- सोनभद्र(समर जायसवाल)- इंडियन बैंक शाखा अमवार में उपभोक्ताओं का शोषण किस कदर है ,यह पड़ताल में सामने आई,घंटों लाइन में लगे रहने के बाद भी दर्जनों लोगों को बैंक में प्रवेश नहीं मिल पाया लोग कड़ी धूप में बैंक का ताला खुलने का इन्तेजार करतेदिखे और अंततः बैंक की कार्यावधि समाप्त हो गयी। कई लोग मायूस होकर अपने घरों को वापस हो गए,दर्जनों किमी दूर से सूखा राहत का पैसा निकालने तो केवाईसी जमा करने आये लोगों को निराशा हाथ लगी। आज सोमवार को दोपहर 3 बजे ही बैंक के अंदर से ताला मार दिया गया और उपभोक्ता कड़ी धूप में अपना काम निपटाने की ताक जोहते रहें शाम को 4 बजे बैंक बन्द होने के उपरांत कोरची निवासी अरविंदकुमार ने बताया कि सूखा राहत का पैसा निकालने आये है पत्नी अंदर है अभी तक भुकतान नहीं हो पाया है, कोरची निवासी रमाशंकर ने बताया कि केवाईसी जमा करने आये थे लेकिन कई घंटे बाहर खड़े रहने के बाद भी बाहर प्रवेश नहीं मिल सका, बघाडू निवासी बनारसी ने बताया कि सूखा राहत का पैसा निकालने आये थे घन्टों लाइन में लगा रहा और बैंक का कार्य समय खत्म हो गया, कटौली निवासी राम अवतार किसी के पैसानिकालने में गवाही देने आए थे घंटों खड़े रहे पर गवाही नहीं हुई, दिघुल की अंजोरिया देवी ने बताया कि सुबह 11 बजे पैसा निकालने आये थे और साढ़े 4 बजे पैसा मिल सका। शाम 4 बजे तक दर्जनों लोग बैंक के बाहर इस आस में जुटे रहे कि उन्हें बैंक में प्रवेश मिल जाये और उनका काम निपट सके। वहीं बघाडू की रश्मि पत्नीराम सुंदर वृद्धा पेंशन खाते में आया है कि नहीं यह जानने के लिए लागातर 3 से 4 दिन से लागातर बैंक में आई आज बताया गया कि खाते में पैसा नहीं है।
इस संदर्भ में नवागत बैंक प्रबंधक नुमनेश सिंह से दो बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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