पटवध से बसुहारी सड़क की दुर्दशा देख भडके ग्रामीण

सोनभद्र।कैमूर वन विभाग के कारण नक्सल प्रभावित पटवध से बसहारी मार्ग अपनी दुर्दशा की आंसू बहा रहा है। इस सड़क पर चलने वाले लोगों का गुस्सा इस कदर चढ़ा हुआ है कि यह गुस्सा कभी भी सड़क पर दिख सकता है और ग्रामीण कभी भी कैमूर डीएफओ के खिलाफ जनता सड़क पर उतर सकते हैं ।

ग्रामीणों की माने तो विभागीय सभी शर्तें पूर्ण करने के बाद भी कैमूर डीएफओ द्वारा जनहित की महत्वपूर्ण नक्सल सड़क को रोका जा रहा है।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि अधिकारियों के मनमाना रवेये के कारण पटवध- बसुहारी की महत्वपूर्ण सड़क जर्जर है । उनका कहना है कि इसी सड़क से होकर हर दिन पुलिस के जवान व अधिकारी काम्बिंग के लिए जाते हैं । ऐसे में जर्जर सड़क न सिर्फ ग्रामीणों के लिए बल्कि जवानों के लिए भी खतरा बना हुआ है । जबकि नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ही इस मत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कराया गया था । श्री तिवारी ने बताया कि जिलाधिकारी और उच्चाधिकारियों की स्वीकृति पूर्व में प्राप्त होने के बाद भी कैमूर डीएफओ द्वारा रोका जा रहा है जो बिल्कुल गलत है । धर्मवीर तिवारी ने कहा कि कैमूर क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन को वनविभाग आज तक नहीं रोक पाया । हर रोज मीडिया के माध्यम से खबरे छपती रहती है ।

डीएफओ के मनमाना रवेय के कारण दर्जनों गांवों के लोग सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य है। मुख्य अभियंता ने 9-7-2020 को पत्रांक 976 के माध्यम से पत्र लिखकर संतुति के साथ कार्य करने की अनुमति प्रदान किया है जबकि कोई वन भूमि इस सड़क पर पड़ती ही नहीं है। धर्मवीर तिवारी ने कहा कि जनहित के लिए अगर डीएफओ ने रोक लगाया पूरा मामला माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलकर बताया जाएगा और नक्सल क्षेत्र में डीएफओ द्वारा की जा रही ममनानी की शिकायत भी की जाएगी ।

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