प्रधानाचार्य ने नौनिहालों के हौसले की ऊंचाइयों को दिया नया आयाम, मेरे सपनों का विद्यालय पुस्तक प्रकाशित

बभनी/सोनभद्र (अरुण पांडेय)

दिया और बाती वाली कहावत को शंभूनाथ ने किया चरितार्थ।- एसपी सहाय।

ऐसे कर्मठ अध्यापकों को विशिष्ट उपाधि के साथ किया जाएगा सम्मानित – दुद्धी विधायक हरिराम चेरो।

बभनी। विकास खंड म्योरपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय तेलजर के प्रधानाध्यापक शंभूनाथ गुप्ता जो अपना अधिकतम वक्त अपने विद्यालय व बच्चों को देते हैं नौनिहालों के अंदर जज्बे की नई ऊंचाइयों को छूने का नया आयाम दिया उनके द्वारा स्वरचित पुस्तक ने जिले में एक अलग स्थान दे चुकी जिसका अवलोकन करने से प्रतीत होता है कि शिक्षकों को दिया जाने वाला प्रशिक्षण का एक संग्रह उसी पत्रिका में है जिसमें एक सम्पूर्ण विषयों का समावेश है जो हर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए एक सार संग्रह प्रतीत होती है। एक ब्रह्मांड की तरह सजाकर रखते हैं विद्यालय ट्रैन के बोगियों की तरह सजाई गई हैं कमरों में फर्स पर एक विशिष्ट

प्रतिभाओं का उल्लेख किया गया है जो खेल-खेल में ही शिक्षा की जानकारी बच्चों को दी जाती है जिस बात की खबरें भी सोशल मीडिया व अखबारों के माध्यम से प्रकाशित की जाती हैं मेरे सपनों का विद्यालय पत्रिका में समाचार पत्रों की कटिंग भी प्रकाशित की गई हैं

प्रधानाध्यापक शंभूनाथ गुप्ता के द्वारा रचित मेरे सपनों का विद्यालय पुस्तक प्रकाशित।

दिया और बाती वाली कहावत को शंभूनाथ ने किया चरितार्थ।- एसपी सहाय।

ऐसे कर्मठ अध्यापकों को विशिष्ट उपाधि के साथ किया जाएगा सम्मानित – दुद्धी विधायक हरिराम चेरो।

बभनी। विकास खंड म्योरपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय तेलजर के प्रधानाध्यापक शंभूनाथ गुप्ता जो अपना अधिकतम वक्त अपने विद्यालय व बच्चों को देते हैं विद्यालय को एक ब्रह्मांड की तरह सजाकर रखते हैं विद्यालय ट्रैन के बोगियों की तरह सजाई गई हैं कमरों में फर्स पर एक विशिष्ट प्रतिभाओं का उल्लेख किया गया है जो खेल-खेल में ही शिक्षा की जानकारी बच्चों को दी जाती है जिस बात की खबरें भी सोशल मीडिया व अखबारों के माध्यम से प्रकाशित की जाती हैं मेरे सपनों का विद्यालय पत्रिका में समाचार पत्रों की कटिंग भी प्रकाशित की गई हैं कोरोनाकाल के समय में आनलाईन क्लास के माध्यम से नई शिक्षा नीति के तहत नए-नए चीजों का अविष्कार कर जानकारी दी गई घड़ों को पेंटिंग कर नौग्रह कागज के टुकड़े और फोम के टूकडों का

ऐतिहासिक भौगोलिक वैज्ञानिक व अन्य तरह के चीजों का चित्रांकन कर जानकारियां दी जाती हैं जो कान्वेंट स्कूलों में भी नहीं दी जाती हैं प्रधानाचार्य शंभूनाथ गुप्ता ने बताया कि हम नौनिहालों के भविष्य संवारने के लिए आए हैं केवल नौकरी करने के लिए नहीं बच्चे हमारे भविष्यदाता हैं उनके अंदर करोड़ों प्रतिभाएं छुपी हुई हैं बस उन्हें निखारने की कमी है इसलिए हम केवल आठ घंटे की नौकरी नहीं बल्कि अट्ठारह घंटे उनके भविष्य को संवारने का काम करते हैं यदि हर वर्ष मेरे द्वारा पढ़ाए गए बच्चे अच्छे-अच्छे पदों पर कार्यरत होंगे तो हमारे लिए गर्व की बात होगी और हमारा सदैव प्रयास होता है कि हमारे सभी बच्चे अपने जीवन के अमूल्य वक्त का सदुपयोग कर अपने भविष्य को अमूल्य बनाएं। विद्यालय परिसर में जाने के पश्चात यह बात देखने को मिला कि जितनी सक्रियता से बच्चों का भविष्य सवांरा जा रहा है यदि इसी बात को गंभीरता से लेते हुए ग्राम प्रधान कुछ सहयोग प्रदान करते तो विद्यालय और उच्च स्तर पर पहुंचती प्रधानाध्यापक से वार्ता के दौर पता चला कि विद्यालय के बाउंड्री की दीवार काफी दिनों से टूटी हुई है समर्सेबल काफी दिनों से खराब पड़ा है जिसपर प्रधानाध्यापक के बात करने पर ग्राम प्रधान के द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है लेकिन कोई काम नहीं कराया जाता विद्यालय में जाकर देखने से प्रतीत होता है कि विद्यालय में काफी दिनों से पेंटिंग नहीं कराई जाती क्षेत्र में लोगों ने कहा कि यदि प्रधानजी थोड़ा सा भी विद्यालय के विकास पर ध्यान देते तो विद्यालय की किस्मत ही बदल जाती।

पुस्तक विमोचन के पश्चात जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी ने किया सम्मानित।

डॉ. गोरखनाथ पटेल-: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।

मेरे सपनों का विद्यालय पत्रिका प्रकाशित होने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डाॅ.गोरखनाथ पटेल ने प्रधानाध्यापक शंभूनाथ गुप्ता को सम्मानित करते हुए कहा कि आप जैसे कर्मठ व लग्नशील अध्यापकों का हमारे जनपद में होना गर्व की बात है जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में शिक्षा को एक नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने का काम कर रहे हैं।

एसपी सहाय-: खंड शिक्षा अधिकारी।

खंड शिक्षा अधिकारी एसपी सहाय ने कहा कि शंभूनाथ गुप्ता जो हर वर्ष सैकड़ों बच्चों के भविष्य को निखारते हुए उन्हें नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने का कर रहे हैं गुरु और शिष्य का रिश्ता दिया और बाती की तरह होता है।काफी मेहनत व लग्नशीलता के साथ अपना अत्यधिक समय बच्चों का भविष्य संवारने में लगे होते हैं जिससे कई बार निरीक्षण के दौरान हमने पाया कि यदि सभी अध्यापक इसी तरह मेहनत करते रहें तो कान्वेंट स्कूलों की फीस व खर्च से सभी अध्यापक पूरी तरह से टूट चुके होते हैं इसी प्रकार प्रयास करते रहने से ग्रामीण क्षेत्रों के अविभावकों को भी बढ़ती महंगाई से निजात मिल सकेगी।

हरिराम चेरो-: दुद्धी विधायक।

मेरे सपनों का विद्यालय पुस्तक प्रकाशन व प्रधानाध्यापक शंभूनाथ गुप्ता के प्रयास की सूचना मिलते ही दुद्धी विधायक हरिराम चेरो ने कहा कि गुरु और शिष्य के धर्म को पूरी तत्परता से निभाते हुए ऐसे अध्यापक को विशिष्ट सम्मान दिया जाना चाहिए यह हमारे विधानसभा क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है कि इस क्षेत्र में ऐसे रत्न छुपे हुए हैं जो कोयले से हीरा और सागर से मोती खोंजकर नौनिहालों के अंदर शिक्षा का अलख जगाने का काम कर रहे हैं ऐसे शिक्षकों का मैं कोटि-कोटि आभार व्यक्त करता हूं जो जो कुम्हार की भांति मिट्टी को पीट-कूट व सवांरकर नए घड़े का अविष्कार करते हैं और उसे सुयोग्य बनाते हैं।इस समय कोरोनाकाल होने की वजह से मैं विद्यालय पर जाकर सम्मानित करने में असमर्थ हुं कोरोनाकाल के पश्चात ऐसे प्रतिभावान शिक्षक को बच्चों के साथ विशेष पुरस्कार से सम्मानित करुंगा।

Translate »