बस्ती जिले का नाम बदलने पर शुरू हुई शियासत , मुगलों ही नही अंग्रेजो के रखे नामों को बदलने की मांग

इलाहाबाद, फैजाबाद ,मुगलसराय के बाद चौथे जिले का नाम बदलने की तैयारी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इलाहाबाद, मुगलसराय, फैजाबाद का नाम बदलने के बाद योगी सरकार बस्ती जिले का नाम बदलने की तैयारी कर रही है। योगी सरकार बस्ती जिले को उसका पौराणिक नाम वशिष्ठ नगर लौटाने जा रही है ।उत्तर प्रदेश में बस्ती चौथा जिला होगा जिसका नाम योगी सरकार द्वारा बदला जाएगा। वही नए नामकरण को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा रही है। विरोधी दल जहां भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है ।तो वहीं साधु संतों ने बस्ती जिले का नाम बदलने का स्वागत किया है।

गौरतलब है कि बीते कुंभ से पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया था। वही मुगलसराय टू दीनदयाल उपाध्याय नाम से नवाजा गया। बस्ती जिले को वशिष्ठ नगर ना दिए जाने की तैयारी है ।मेले में आए टीकरमाफी के महंत स्वामी हरी चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि मुगल काल में मुगलों ने अपनी तलवार की ताकत पर कई हिंदू स्थलों और स्थानों के नाम बदल दिए थे। देश और प्रदेश में हिंदुत्व का झंडा लिए एक संत प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं तो ऐसे में मुगलों द्वारा रखे गए नामों को हटाकर उनके पौराणिक नामों का उनका गौरव लौटाने का काम किया जा रहा है। वहीं मेले में आए दंडी संन्यासियों ने भी योगी आदित्यनाथ के फैसले का स्वागत किया है।

प्रयागवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और बब्बन भैया ने कहा कि यह गौरव की बात है कि हमें हमारे पुराने गौरव प्राप्त हो रहे हैं ।योगी सरकार का धन्यवाद है कि वह प्रदेश के उन नगरों को पहचान दे रहे हैं ।जो सैकड़ों बरस पहले हुआ करती थी। वहीं अखिल भारतीय दंडी स्वामी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने मांग की है कि मुगलों द्वारा सभी हिंदू धार्मिक स्थलों और शहरों के नाम बदले गए थे ।जिन्हें योगी सरकार को पुनः बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय- समय पर मुगल शासकों ने अपने ताकत के अनुसार शहरों के नाम बदले। मुगलों के साथ अंग्रेजी शासनकाल में भी कई शहरों और स्थानों के नामकरण हुए जिन्हें बदलकर योगी सरकार सही फैसले ले रही है।

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