सड़के विकास की जीवनधारा है-डीएम

सोनभद्र।जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़के विकास की जीवनधारा है। सड़कों के निर्माण से आज उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ते हुए आवागमन को सुलभ बनाते हुए गांवो की तस्वीर बदल गई है। तेजी से हो रहे गांवो के विकास में ग्रामीण सड़कों की मुख्य भूमिका है और चतुर्दिक हो रहे इस विकास में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना 500 से अधिक आबादी वाली बसावटों का एकल सम्पर्कता के आधार पर गुणवत्तायुक्त पक्की सड़क बनाकर मुख्य मार्गों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की गाइडलाइन्स के अनुसार वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर प्रदेश की समस्त अर्ह बसावटों का आच्छादन कर लिया गया है। नक्सल समस्या से प्रभावित जनपदों में मानक को शिथिल करते हुए 250 से अधिक आबादी वाली बसावटों को पक्के मार्गों से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 का क्रियान्वयन प्रारम्भ किया गया है। जिसके अन्तर्गत इस योजना में पूर्व निर्मित मार्गों, सड़कों के उच्चीकरण सुधार के कार्य किये जाते हैं। गांवों की गुणवत्तापूर्ण बनी सड़कों का उसी ठेकेदार द्वारा 05 वर्ष तक अनुरक्षण करने का प्राविधान भी किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का नोडल विभाग ग्राम्य विकास विभाग है। प्रदेश में वर्ष 2018-19 में 1134.80 करोड़ रूपये व्यय करते हुए 1688.27 किमी0 की सड़क निर्मित करते हुए गांवों में आवागमन को सुलभ बनाया गया है। उसी तरह अनुरक्षणाधीन 13848.89 किमी0 सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में जून 2019 तक 104.16 करोड़ रूपये व्यय करते हुए 182.62 किमी0 सड़कों का निर्माण किया गया है तथा 14518.40 किमी0 अनुरक्षाणाधीन सड़कों का अनुरक्षण कार्य कराया गया है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत निर्मित हो रही सड़कों को प्रदेश में प्रथम बार नई तकनीकों का प्रयोग कर बनाया जा रहा है। इस नई तकनीक में वेस्ट प्लास्टिक, कोल्ड मिक्स, नैनो-टेक्नोलॉजी फ्लाई ऐश, सी.सी. ब्लाक आदि का प्रयोग कर प्रदेश में लगभग 1741.60 किमी0 गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण करते हुए ग्रामीण जीवन में आवागमन को सरल बनाया गया है।

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