एक्शन में एनकाउंटर मैनः आजम खान के खिलाफ 7 दिन में दर्ज किए 13 मुकदमे

रामपुर

*खबर के मुख्य बिंदु-

राजस्व विभाग की जांच के बाद आजम खान और उनके करीबी रिटायर्ड पुलिस अधिकारी आले हसन के खिलाफ दर्ज हो रहे मुकदमे

रामपुर पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा बोले- किसानों ने लगाए है संगीन आरोप, जांच जारी

रामपुर के किसानों की जमीन कब्जाने और जौहर यूनिवर्सिटी कैंपस में शामिल करने का मामला

रामपुर। सपा सांसद आजम खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले सात दिनों से आजम खान और उनके करीबी रहे रिटायर्ड पुलिस अधिकारी आले हसन के खिलाफ थाना अजीमनगर में मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। इस सभी मुकदमों में आजम खान पर एक ही आरोप लगाया गया है कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने किसानों की जमीनों पर जबरन कब्जा किया है। आरोप है कि जिन किसानों ने आजम खान की बात नहीं मानी उन्हें तत्कालीन सीओ आले हसन से उठवा लिया और उनकी जमीन की रजिस्ट्री बिना पैसे दिए करा ली। सत्ता बदलने के बाद पीड़ित किसानों ने आजम खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

गौरतलब हो कि रामपुर सांसद आजम खान और उनके करीबी रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर आले हसन के खिलाफ डीएम के आदेश पर एक सप्ताह पहले 26 किसानों ने हलफनामा लगाकर एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद से अब तक 12 किसान आजम खान और उनके करीबी रिटायर्ट पुलिस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। इस तरह 7 दिन में उनके खिलाफ कुल 13 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इस मामले में रामपुर एसपी डाॅ. अजय पाल शर्मा (Dr. Ajay Pal Sharma) का कहना है कि किसानों की तहरीर पर अभी तक 13 मुकदमे दर्ज हुए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी मामलों में जांच कर रही है। ज्यादातर किसानों की एफआईआर राजस्व विभाग की जांच के बाद ही लिखी गई है। आजम खान और आले हसन पर संगीन आरोप हैं, जिनकी जांच जारी है।

आजम खान और रिटायर्ड सीओ पर ये हैं आरोप

बता दें कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मौलाना मोहम्मद जौहर अली विश्वविद्यालय की नींव रखी थी। उसके बाद से ही सपा के कद्दावर नेता आजम खान पर आरोप लगने लगे थे कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए तमाम किसानों की जमीन जबरदस्ती यूनिवर्सिटी कैंपस में लेते हुए चारदीवारी करा ली थी। वहीं जिन किसानों ने विरोध किया उनको तत्कालीन पुलिस सीओ आले हसन से उठाकर थाने में बिठा लिया गया और जबरदस्ती राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बुलाकर उनकी रजिस्ट्री करा ली थी।

आजम खान के खिलाफ अब क्या कार्यवाही होगी

अब सत्ता बदली है तो आजम खान और उनके करीबी रिटायर्ड पुलिस अधिकारी आले हसन का चिट्ढा खुलने लगा है। देर से ही सही, लेकिन सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि पीड़ित किसानों के मुकदमे लेकर उनकी जांच पड़ताल करके उनको न्याय दिलाएं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आजम खान और उनके करीबी रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर पर जो आरोप किसान लगा रहे हैं। वह पुलिस की जांच में कितने सही पाए जाते हैं और आजम खान के साथ उनके करीबी पुलिस अधिकारी आले हसन के खिलाफ क्या कार्यवाही होती है।

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