कचराघर की जमीन पर थीम पार्क, प्रोजेक्ट 19 करोड़ का, कबाड़ के इस्तेमाल से 7.5 करोड़ में बना

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नई दिल्ली.दिल्ली में ऐसा थीम पार्क बनाया गया है, जहां दुनिया के सात अजूबे एक ही जगह मिलेंगे। इसकी खासियत ये है कि सभी अजूबे कबाड़ से बनाए गए हैं। दरअसल, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम निजामुद्दीन मेट्रो स्टेशन के नजदीक कचराघर की जमीन को फिर से उपयोगी और हरा-भरा बनाना चाहता था। इसीलिए उसने थीम पार्क बनाने की परियोजना तैयार की। इसकी लागत 19 करोड़ रु. थी, जिसे ईंट-पत्थरों से पूरा होना था।

इस बीच, उसे ध्यान आया कि स्टोर रूम में कबाड़ में साइकिल से लेकर स्ट्रीट लाइट के खंभे, नट- बोल्ट, टीन शैड तक पड़े हुए थे, जो रख-रखाव के कारण उसके लिए मुसीबत बने हुए थे। इसके बाद निगम ने थीम पार्क को कबाड़ की सामग्री से बनाना तय किया। थीम पार्क बनाने के लिए सात कलाकारों समेत 60 लोगों की टीम को छह महीने लगे। कबाड़ के इस्तेमाल से थीम पार्क की लागत करीब 11.5 करोड़ रुपए कम हो गई और ये थीम पार्क (मिलेनियम पार्क) महज साढ़े सात करोड़ रुपए में तैयार हो गया। अब शनिवार को इसका उद्घाटन करने की तैयारी चल रही है।

70 फीट का एफिल टावर भी

दिल्ली में सराय काले खां के पास 2 हेक्टेयर में फैले इस पार्क में आगरा का ताजमहल, मिस्र स्थित गीजा का ग्रेट पिरामिड, 70 फीट ऊंचा पेरिस का एफिल टॉवर, अमेरिका में न्यूयॉर्क की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी, ब्राजील का क्राइस्ट दी रिडीमर, इटली में लीनिंग टावर ऑफ पीसा और कॉलेसियम एम्फीथिएटर की रेप्लिका तैयार की गई है। पार्क में करीब 150 टन कबाड़ का उपयोग किया गया है। 7 में से 4 मीनारों का निर्माण तो अकेले साइकिल के स्पेयर पार्ट्स से किया गया है।

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तस्वीर दिल्ली में थीम पार्क के एम्फीथिएटर की है। इसे सौर ऊर्जा से जगमग किया गया है।

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