बलुई बंधी का छलका टूटने से किसानों में मचा हडंकम्प

गुर्मा/सोनभद्र।एक और जहाँ पानी के लिए हाय तौबा मच हुआ है वही लापरवाह अधिकारियों के उदासीनता से बलुई बंधी में सोन लिफ्ट का किमती पानी से भरी बलुई बंधी में रपटा टूटने से बह गया जिसको लेकर किसान अपने फसल को लेकर चिंतित हो उठे है मामला रार्बट्सगंज सदर विकास खण्ड के केवटा ग्राम पंचायत व करगरा मीतापुर मार्ग स्थित बलुई बंधी का है  शनिवार के देर रात बलुई बंधी का रफटा बालू की बोरी से घेरा होने के कारण पानी के दवाब से टूट गया

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जिससे बलुई बंधी का भरा पानी बह कर गेहूँ की फसलों में जल मग्न हो गया जिससे तकरीबन सैकड़ों विगहा गेहूँ की फसल पर असर पड़ गया है वहीं कृषकों द्वारा भारी नुकसान की बात कही जा रही है वहीं रात्रि के समय दो व चार पहिया वाहनों के कुछ घटे के लिए यातायात बधित हो गया बंधी के पानी के दवाब कम होने के बाद आगवगमन प्रारंभ हुआ आस पास के लोगों क्षेत्रिय किसानों का कहना है कि बंधी खण्ड के लापरवाह अधिकारियों के कारण हम लोगों के फसल पर भारी नुकसान उठाने के लिए मजबूर हो गये है। गौरतलब हो की इससे पुर्व बरसात में  बलुई बंधी में दरार पड़ने से टूट गयी थी जिससे हजारों एकड़ धान की फसल बर्बाद हुआ था

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और कई गाँवो में पानी लगने से लोगों के कच्चे मकान गिर गये थे जिसको लेकर जनपद से लेकर लखनऊ तक हडकम्प मच गया था बंधी की जलधारा रोकने के लिए    जिलाधिकारी समेत जनपद के आलाधिकारी व सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व मे अभियताओ की टीम चार दिनों कैप कर के बलुई बंधी के बह रही जलधारा को रोकने के लिए लगे थे  वावजूद सिंचाई विभाग के  बंधी प्रखण्ड के अफसरों पर नहीं रेगा जू जिसके दंश से अभी तक उभर नहीं पाए थे फिर बार फिर शनिवार की रात बिना बरसात के ठंड के मौसम मे बलुई बंधी का रपटा बह गया जिसमें  अंन्नदाताओ को उनके गेहूँ की फसल पर नुकसान का सामना करना पड़ा बलुई बंधी से सलखन व कुरहुल माइनर से दर्जनों गाँवो का सिंचाई का मात्र एक साधन है वही मछली पालन के लिए महँगी बोली पर बलुई बंधी का ठेका पाए ठेकेदार का कहना है कि मछलियों पालने के लिए लाखों का बीज डाला गया था उससे उनको भी नुकसान पहुँचा है।

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