तीन माह से बंद शोपीस बना हाईमास्ट लैंप

मोहन गुप्ता

गुरमा-सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के मारकुंडी बाजार स्थित करगरा मोड़ तिराहे पर लगा हाईमास्ट लैंप पिछले करीब तीन महीने से बंद पड़ा है। करीब 20 गांवों के लोगों की रोजाना आवाजाही वाले इस प्रमुख तिराहे पर रोशनी की व्यवस्था ठप होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्देश्य से हाईमास्ट लैंप लगवाया गया था, वह वर्तमान में महज शोपीस बनकर रह गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह हाईमास्ट लैंप करीब 10 माह पहले सांसद निधि से लगवाया गया था, लेकिन पिछले तीन महीनों से खराब होने के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। शाम ढलते ही तिराहे और आसपास का क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईमास्ट लैंप खराब होने की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित जिम्मेदारों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत के लिए कोई ठोस पहल नहीं हुई। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

अंधेरे से हादसे का भी बढ़ रहा खतरा

करगरा मोड़ तिराहा क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों और वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में रात के समय पर्याप्त रोशनी न होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल मौके की जांच कर हाईमास्ट लैंप को दुरुस्त कराए, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि जिम्मेदारों की नजर इस बंद पड़े हाईमास्ट लैंप पर पड़ती है या फिर सरकारी धन से लगाया गया यह प्रकाश स्तंभ यूं ही अंधेरे में शोपीस बना रहता है।

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