अब तक 72 लोग मरे हैं, और मरेंगे तो गम नहीं होगा- गुर्जर आंदोलन पर बैंसला

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सवाई माधोपुर (खटाना).गुर्जर आरक्षण आंदोलन की वजह से प्रदेश ठहर सा गया है। धौलपुर में हिंसा हो चुकी है। रेल रोकने औरहाइवे जाम से लोगों को परेशानी हो रही है। दो प्रतियोगी परीक्षाएं स्थगित हो चुकी हैं। आंदोलन का नेतृत्व करने वाले गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से भास्कर ने सवाई माधोपुर रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर बात की। जनता की परेशानी और आरक्षण पर हुई सियासत पर सवाल पूछे तो उन्होंने कहा कि जनता और गुर्जरों के दर्द और परेशानी का समाधान सरकार के पास है। सरकार जब तक आगे नहीं आएगी जनता की परेशानी बढ़ती जाएगी। गुर्जरों की तो वैसे ही बढ़ी हुई है। आरक्षण आंदोलनों में अब तक 72 लोग मरे हैं और मरेंगे तो गम नहीं होगा लेकिन 5 प्रतिशत आरक्षण इसी ट्रैक से लेकर उठेंगे। धौलपुर की घटना छोड़ दें तो अब तक आंदोलन को शांतिपूर्वक चल रहा है।

सवाल :आप शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा कर रहे हैं, फिर रेल ट्रैक क्यों रोका, हाइवे क्यों जाम कर रहे हैं, धौलपुर में हिंसा क्यों हुई ?
बैंसला : मैंने प्रदेश में शांतिपूर्वक आंदोलन की अपील कर रखी है। लोगों के साथ बदसलूकी नहीं होने दे रहा हूं, ये बड़ी बात है। धौलपुर को छोड़ दें तो सभी जगह शांतिपूर्वक आंदोलन हुआ है। धौलपुर में कुछ-एक लोगो ने माहौल बिगाड़ने के लिए ऐसा किया है। और कहीं पर भी सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।

सवाल :आप के आरक्षण की मांग जायज हो सकती है लेकिन प्रदेश व देशभर की जनता क्याें परेशान हो ?
बैंसला :सरकार के हाथों अब तक हमारे 72 लोग मारे जा चुके हैं। हमारे समाज का एक बड़ा दर्द है आरक्षण। आंदोलन होगा तो परेशानी भी होगी ही। वैसे भी हमने शांतिपूर्वक आंदोलन की अपील की है।

सवाल :कभी आप वसुंधरा के साथ रहे , कभी गहलोत के खास बने। आरक्षण के लिए इन्हें मनाने में फेल क्यों हो रहे हैं?
बैंसला :वसुंधरा राजे अभी सीएम नहीं है। गहलोत के बारे में इतना ही कहना चाहता हूं कि मुझे उम्मीद थी कि वह मुझे आमंत्रित करेंगे और आरक्षण मुद्दे पर सुनेंगे। मुझे यकीन है कि हमारी मुलाकातों में मामले का समाधान निकल जाएगा।

सवाल :13 साल से गुर्जर आंदोलन चल रहा है, आपके ज्यादातर साथी नेता बन गए, बहुत सारे आपको छोड़ गए, क्या कहेंगे?
बैंसला :वो सब क्लर्क स्टाइल के थे। वो सोचते थे कि उनके बगैर मैं आंदोलन खड़ा नहीं कर सकता हूं। देख लीजिए आंदोलन खड़ा कर दिया है। वजह ये है कि मैं लालची नहीं हूं।

सवाल :इसी आंदोलन के जरिये पहचान बनाकर आप भी टोंक-सवाई माधोपुर से चुनाव लड़ चुके हैं, आगे क्या इरादा है?
बैंसला :82 वर्ष का हो गया है हूं। अब राजनीति करने की कोई इच्छा नहीं है। एक ही ध्येय है कि आरक्षण लागू करवाकर गुर्जर समाज की बेटियों को कलेक्टर बनाऊंगा।

सवाल :आंदोलन आपके हाथ से निकलकर भड़क गया तो आप क्या करेंगे?
बैंसला :मैं पहले ही कह चुका हूं। अगर किसी ने बिना वजह हिंसा की कोशिश की तो मैं सबको छोड़कर चला जाऊंगा।

सवाल :आंदोलन के बावजूद सरकार आरक्षण नहीं देगी तो आपका अगला कदम क्या होगा ?
बैंसला :मैं सरकार से इसी बात का निवेदन करना चाहता हूं कि कैसे और कब तक आक्रोशित लोगों को रोके रखूं। सीएम को खुद आगे बढ़कर वार्ता के लिए आना चाहिए ताकि मामले का बैठकर समाधान निकाला जा सके। आरक्षण अभी नहीं मिला तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ेगा।

सवाल :विधानसभा चल रही है, लेकिन सरकार की तरफ से एक भी गुर्जर विधायक या मंत्री ने आवाज नहीं उठाई ?
बैंसला :ये मसला ऐसा है इसने कई विधायकों को ठिकाने बैठा दिया है। आरक्षण की मांग नहीं उठाने वाले गुर्जर जन प्रतिनिधियों के हालात ये हंै कि वह जनता के बीच नहीं आ रहे हंै।

सवाल :आपके आंदोलन को लेकर भाजपा का क्या रुख है ?
बैंसला : आज सुबह ही पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ का फोन आया था उन्होंने हमें समर्थन दिया है।

सवाल :लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने वाली है ऐसे में आरक्षण मसले का समाधान नहीं हुआ तो?

बैंसला : विधानसभा में कांग्रेस को वोट देने वाली पार्टी कांग्रेस के खिलाफ भी जा सकती है।

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कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला।



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