Wednesday , September 28 2022

भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना

भाइयों ने बहनों को आकर्षक उपहार दे, दिया रक्षा का दिया वचन

उहापोह में दो दिन मना रक्षाबंधन का पर्व शाहगंज

ज्ञानदास कन्नौजिया/आशुतोष कुमार सिंह

शाहगंज (सोनभद्र)। भाई-बहन के अटूट प्रेम का बंधन रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ परंपरागत ढंग से धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा बांधकर, मुंह मीठा कर व तिलक लगाकर अपनी रक्षा का संकल्प दिलाया और आशीर्वचन प्राप्त किया। पुरोहितों ने भी अपने यजमानों और गुरुजनों ने अपने-अपने शिष्यों के

कल्याण के लिए उनके कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इस पर्व पर महंगाई का भी असर दिखा। गुरुवार से ही शादी-शुदा बहाने अपने मायके भाई को राखी बांधने के लिए पहुंचने लगी। राखी तथा मिष्ठान की दुकानों पर भारी भीड़ रही। बाजार में काफी चहल-पहल रही। उहापोह से इस साल यह पर्व दो दिन मना‌ पूर्णिमा पर भद्राकाल होने की वजह से ज्यादातर बहनें गुरुवार रात्रि 8:25 बजे के बाद और शुक्रवार सुबह 7:17 बजे के

पहले ही मुहूर्त के अनुसार राखी बांधी‌। यह रस्म आज समाचार लिखे जाने तक जारी रहा। इससे अलग हट तमाम लोग गुरुवार को ही रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर स्नेह की डोर बांधी। बताते चलें कि

भारतीय संस्कृति में स्त्री रक्षणीय मानी गई है। रक्षाबंधन सांस्कृतिक रूप से भाई-बहन का अटूट पर्व है। जिसमें केवल हिंदू ही नहीं अन्य धर्मों के लोग भी इसे मानते हैं।

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