सेंदूर गांव में चौदह वर्ष पूर्व बने बांध में मनरेगा में काम किए मजदूरों की नहीं मिली मजदूरी।

बभनी/सोनभद्र (अरुण पांडेय)

ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर जताया आक्रोश नारेबाजी कर किया प्रदर्शन।

सैकड़ों लोगों की लाखों रुपए बकाया मजदूरी नहीं हुआ भुगतान।

बभनी। थाना क्षेत्र के म्योरपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत सेंदूर गांव में बांध पर काम किए मजदूरों को चौदह वर्ष बाद भी मजदूरी न मिलने के कारण मजदूरों में आक्रोश देखने को मिला और ग्राम प्रधान के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया मजदूरों ने बताया कि चौदह वर्ष ‌पूर्व गांव में बांध बनवाया गया था जिसमें हम सभी सैकड़ों मजदूर मनरेगा के तहत काम किए थे जिसकी लाखों रुपए की मजदूरी अभी बाकी है।उस समय भी प्रधान हमारे वर्तमान ग्राम प्रधान श्यामलाल ही थे उनके द्वारा मजदूरी कराई गई थी जिसका भुगतान अब तक नहीं हो सका जिस बात की शिकायत हम लोगों ने कई बार ब्लाक के अधिकारियों से किया लेकिन उनके द्वारा मामले को नजरंदाज कर बात को टाल दिया जाता है।जब उसी बांध पर इस वर्ष दोबारा काम करने के लिए कहा गया तो हम लोगों ने काम पर रोक लगा दिया।इतना ही नहीं बल्कि हमारे गांव में चार सिंचाई कूप में भी काम कराया गया है उसकी मजदूरी भी नहीं मिली है और एक टंका का निर्माण कराया गया जो अभी अधूरा है जिसकी मजदूरी हमें नहीं मिल सकी हम गरीब मजदूर भूखमरी के कगार पर आने वाले हैं वैश्विक महामारी कोरोना के लाकडाऊन के समय हमारे पास आमदनी का कोई स्रोत भी नहीं है जब ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी से मांगा जाता है तो वे बहाना बनाकर मामले को नजरंदाज कर देते हैं।जब इस संबंध में ग्राम प्रधान श्यामलाल से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि बांध पर काम किए लोगों की कोई मजदूरी बकाया नहीं है और हमने मजदूरों से कहा कि यदि बकाया हो तो आप मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं और बाकी कूपों में काम करने के बाद मजदूरी सभी के खाते में आती है उसके लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं। परंतु आलम यह है कि गांवों के गरीब मजदूर इतने दिनों से किए गए काम की मजदूरी किससे मांगने जाएं।जब इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी राम नरायन सिंह ने कहा कि मनरेगा के तहत काम किए मजदूरों के बारे में हम कुछ नहीं कर सकते इसका जिम्मेदार पंचायत सचिव होगा यदि बांध पर इतने दिनों से काम किए मजदूरों की मजदूरी नहीं मिली तो मामले की जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी हम एक वर्ष से ही आए हैं इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। प्रर्दशन के दौरान प्रदीप कुमार भोला दयाशंकर गोपी सुखदेव नितिन शारदा रामजी सुधारे हरी नंदलाल सुलेंदर अर्जुन नितीश कुमार अशर्फी लाल पवन कुमार सोनू जवाहिर कमलेश बबलू कुमार चरकूराम चमेली चिंतादेवी करीनामती सोनिया ऊषा कुवंर बुटुल सोनिया लीलावती सुनीता समेत सैकड़ों मजदूर मौजूद रहे।

Translate »