सांसारिक सुखों में लिप्त होकर ना भूलें प्रभु का स्मरण”

हिण्डाल्को रेणुकेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में सातदिवसीय रामकथा का शुभारम्भ

राम कथा का वाचन करते कथावाचक पं0 नानालालजी

रेणुकूट, 14 अक्टूबर।हिण्डाल्को, रेणुकूट प्रबंधन के सौजन्य से रेणुकेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में मानस मर्मज्ञ पं0 नानालालजी राजगुरु के सात दिवसीय रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। हिण्डाल्को के सुरक्षा प्रमुख एवं नगर प्रशासक कर्नल (से.नि.) संदीप खन्ना ने श्री रामचरित् मानस का पूजन कर एवं कथावाचक पं0 नानालालजी का टीका कर रामकथा का शुभारम्भ कराया। कथा प्रारम्भ करते हुए कथावाचक पं0 नानालालजी ने एक प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया, प्रभु श्रीराम सुग्रीव को राज्य सौंप कर तथा सकल समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान कर चतुर्मास व्रत में प्रवर्षण पर्वत पर विराजमान हो गए। श्रीराम ने ऐसा करने से पूर्व सुग्रीव से कहा कि माता सीता के अन्वेषण दायित्व को मत भूलना। परन्तु राज्य एवं परिवार के सुख में लिप्त होकर सुग्रीव ने उनके इस निर्देश को भुला दिया। श्री राम को यह ज्ञात होने पर कि सुग्रीव सांसारिक सुख में संलिप्त होकर उनके निर्देश को भुला चुके हैं तब उन्होंने लक्ष्मण जी को मात्र भय दिखाकर सुग्रीव का पथ प्रदर्शन करने को कहा। इस प्रसंग का पं0 नानालालजी जी हमारे जीवन में अभिप्राय दर्शाते हुए बताया कि मनुष्य भी प्रायः सांसारिक सुख में लिप्त होकर भगवान का स्मरण करना भूल जाते हैं वस्तुतः वह प्रभु की कृपा से वंचित रह जाते हैं। अतः हमें सांसारिक सुखों से ऊपर उठ कर प्रभु का स्मरण करते रहना चाहिए।

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