तिलौली खुर्द के बाद अब कसया चोरी कांड पहुंचा एसपी दरबार

सोनभद्र। करमा थाना क्षेत्र के पिछले महीने तिलौली खुर्द में हुई चोरी व फर्जी गवाहों के रिपोर्ट के बाद पीड़ित ने एसपी को सूचना दी तो पूर्व थाना प्रभारी व हल्का एस आई को निलंबित कर जांच के आदेश दिए गए हैं। जबकि पीड़ित ने बताया कि पुलिस द्वारा गवाहों के जांच रिपोर्ट में गलत गांव का नाम दर्ज कर तिलौली खुर्द निवासी बताया गया था जबकि पीड़ित ने सीयाराम मौर्य पुत्र स्व सुमेर व सुशील कुमार सिंह पुत्र स्व रामेश्वर सिंह को तिलौली कलां गांव निवासी बताया था और गवाहों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की थी।

वहीं दूसरी तरफ कसया खुर्द गांव में घर में घुसकर कथित तौर पर नकदी व जेवर चोरी किए जाने का मामला अब पुलिस अधीक्षक के दरबार तक पहुंच गया है। पीड़ित परिवार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, एक सप्ताह बीतने के बावजूद चोरी का खुलासा और कथित चोरी के सामान की बरामदगी न होने से करमा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता पुष्पलता पत्नी तेजबली के अनुसार, घटना दो अक्टूबर की रात करीब दो बजे की है। आरोप है कि गांव का ही कथित व्यक्ति घर में घुसा और बक्से का ताला तोड़कर उसमें रखे हजारों रुपये नकद तथा चांदी के आभूषण लेकर जाने लगा। इसी दौरान पुष्पलता की नींद खुल गई और उसने कथित रूप से आरोपी को देख लिया। शोर मचाने पर आरोपी द्वारा धक्का देकर भाग जाने का आरोप है।महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो बक्से का ताला टूटा मिला और नकदी व जेवर गायब थे। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच का भरोसा दिया।


नामजदगी के बावजूद चोरी का खुलासा क्यों नहीं?


पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद थाने में दिए गए प्रार्थना पत्र में कथित आरोपी का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज कराया गया था। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को पकड़ा भी, लेकिन चोरी के मामले में कथित बरामदगी या खुलासे के बजाय उसे एक अन्य मामले में जेल भेज दिया गया। ऐसे में पीड़ित परिवार का सवाल है कि यदि कथित आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आया था तो चोरी के मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई‌।


एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली


थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल का कहना है कि मामले को दिखवाया जा रहा है। हालांकि, घटना के करीब एक सप्ताह बाद भी चोरी का खुलासा नहीं होने से पीड़ित परिवार में नाराजगी है। परिवार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद पूरी न होने के बाद अब उन्हें पुलिस अधीक्षक से न्याय की उम्मीद है।


पुरानी चोरी की घटनाओं के खुलासे पर भी उठते रहे हैं सवाल


ग्रामीणों का आरोप है कि करमा थाना क्षेत्र में पूर्व में हुई कई चोरी की घटनाओं का भी अब तक संतोषजनक खुलासा नहीं हो सका है। ऐसे में तिलौली खुर्द के बाद कसया खुर्द की ताजा घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

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