पावर कंपनियों में नए तकनीकी से प्रदूषण पर 20 फीसदी कमी के आसार

दिल्ली में दूसरे दिन भी उठा प्रदूषण का मुदा

सोनभद्र।/नई दिल्ली(विकास अग्रहरी)

सिंगरौली में जानलेवा साबित हो रहे औधौगिक प्रदूषण का मुद्दा दिल्ली में दूसरे दिन भी उठाया गया।दिल्ली के बारह खंभा रोड स्थित स्टेट मैन भवन में आयोजित विजली कंपनियों में नई तकनीकी लगाने से जी ड़ी पी पर प्रभाव और स्वास्थ्य को लेकर मीडिया के साथ बैठक में पर्यावरण कार्यकर्ता जगतनारायण विश्वकर्मा ने सिंगरौली परिक्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदुषण का हवा ,पानी मे असर,स्वास्थ्य और कृषि उत्पादन में गिरावट को लेकर प्राथमिकता से बात रखी और कहा कि ओबरा और दुधी विधान सभा के 4 सौ गांव में प्रदूषण का प्रभाव है जिसमे 10 हज़ार से ज्यादा लोगो मे प्रदूषण का सीधा असर है।क्षेत्र का कैस क्रॉप कहा जाने वाला लाख, चिरौंजी विलुप्त हो गया।आदिवासी बाहुल्य गांव में लोग अज्ञात विमारी से जूझ रहे है लेकिन इलाज नही हो पा रहा।कहा कि सिंगरौली क्षेत्र में कैरिंग कैपिसिटी का आकलन होना चाहिये।सवाल उठाया कि आखिर एक ही जगह कितनी कम्पनियां लगेंगी इसका आकलन होना ही चाहिए।आगे कहा कि टॉक्सिलजिकल लैब की स्थापना और पावर कम्पनियों को नई तकनीकी के साथ राख का सौ फीसदी निस्तारण करने पर कदम उठाना होगा।यहाँ राख की समस्या विकराल हो गयी है और अभी कुल राख उत्सर्जन का 20 फीसदी भी खपत नही हो रहा है।

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