- विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, सोनभद्र कोर्ट ने चोपन इंस्पेक्टर को दिया आदेश
- सीओ करेंगे मामले की विवेचना, कोर्ट को परिणाम से अवगत कराना होगा
राजेश पाठक
सोनभद्र। आदिवासी की जमीन कब्जा करने वाले पिता-पुत्रों के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने सोमवार को चोपन इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज कर सीओ से मामले की विवेचना कराने व परिणाम से कोर्ट को अवगत कराने का आदेश दिया है। यह आदेश मनतोरा देवी पत्नी राम सिंह निवासी कोटा, थाना चोपन, जिला सोनभद्र द्वारा अधिवक्ता सीपी द्विवेदी एवं आनंद ओझा एडवोकेट के जरिए दाखिल 173(4) बीएनएसएस के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने दिया है। दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि वह अनुसूचित जनजाति की महिला है। उसकी सम्पत्ति को हड़पने के आशय से पिता-पुत्रों क्रमशः कामेश्वर जायसवाल, अनिल जायसवाल व सुनील जायसवाल निवासी कोटा, थाना चोपन, जिला सोनभद्र द्वारा 3 जुलाई 2008 को पांच-पांच रुपये के स्टाम्प पर टाईप शुदा फर्जी कागजात तैयार करके उसकी माता फुलेसरी का फर्जी अंगूठा निशान लगा लिया गया। जबकि उसकी मां अनुसूचित जनजाति गोड़ जाति की है। जब उसने 11 जनवरी 2026 को सायं 4-5 बजे पिता-पुत्रों से शिकायत की तो पिता-पुत्रों ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करके गालियां देते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी तथा फर्जी व कूटरचित कागजात के आधार पर उसकी भूमि पर कब्जा कर लिया गया। इसकी सूचना थाने पर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रजिस्टर्ड डाक से एसपी सोनभद्र को सूचना दी गई, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। तब मजबूर होकर न्यायालय में न्याय के लिए आना पड़ा। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने गम्भीर अपराध मानते हुए, मामले की विवेचना कराया जाना आवश्यक माना। कोर्ट ने चोपन इंस्पेक्टर को एफ आई आर दर्ज कर मामले की विवेचना सीओ से करवाने व परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।
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