ब्लाक संसाधन केंद्र पर परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को बटे स्ट्डी सौलर लैम्प

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@राकेश/भीम
दुद्धी/सोनभद्र उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन,ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत इंटेंसिव ब्लॉक दुद्धी के ब्लॉक संसाधन केन्द्र के प्रांगण में संचालित उच्च प्रार्थमिक विद्यालय दुद्धी के 151 बच्चों एवं प्राथमिक विद्यालय दुद्धी (प्रथम) के 46 बच्चों कुल 197 बच्चों के बीच सोमबार को स्ट्डी सौलर लैम्प का वितरण किया गया।

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वितरण कार्य का शुभारंभ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक एंकर पर्सन जय कुमार जोशी के हाथों बच्चों को स्ट्डी सौलर लैम्प प्रदान कर किया गया।
बीएपी श्री जोशी ने बताया कि स्ट्डी सौलर लैम्प योजना का संचालन भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं आईआईटी मुम्बई के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आजीविका मिशन की समूह की महिला सदस्य (डिस्ट्रीब्यूटर) के द्वारा रजिस्टर्ड स्कुलों में जाकर पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मात्र 100 रु में ही स्ट्डी सौलर लैम्प दिए जाते हैं जबकि उसकी वास्तविक कीमत 700 रु है।उन्होंने बताये कि इस योजना का नाम 70 लाख सौर ऊर्जा लैम्प योजना है। इस योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश में सबसे पहले दुद्धी ब्लॉक से ही 19 सितम्बर 2017 को किया गया। इस योजना का दुद्धी से ही शुरुआत होना दुद्धी के लोगों के लिए बड़े ही की गर्व की बात है। ब्लॉक दुद्धी में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए जीवन ज्योति प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है जिसका कार्यालय खजुरी में है।इसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं लैम्प के पार्ट्स को एसेम्बल कर बनाती है । लैम्प बनाने वाली महिला( एसेम्बलर ) को प्रति लैम्प 12 रु के दर से एवं वितरण करने वाली महिला (डिस्ट्रीब्यूटर) को प्रति लैम्प 17 रु के दर से भुगतान संकुल संघ के द्वारा प्रति माह 10 तारीख को उनके खाते पर कर दिया जाता है। इस तरह से एसेम्बलर महिलाएं 6 से 7 हजार एवं डिस्ट्रीब्यूटर महिलाएं 7 से 8 हजार रु प्रतिमाह का आमदनी भी कर ले रही है। वर्तमान में कुल 22 महिलाएं इस केन्द्र में कार्यरत है जिन्हें आईआईटी मुम्बई के इंजीनियरों के द्वारा विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। अभी तक दुद्धी केन्द्र के द्वारा कुल 26548 सौलर लैम्प बनाये गए हैं जिसमें से 25710 वितरित किये जा चुके हैं।
डिस्ट्रीब्यूटर चंदा गोस्वामी ने बताई कि इस योजना से दो लाभ प्रमुख रूप से हैं-
पहला जो महिलाएं रोजगार के अभाव में बेरोजगार घर में बैठी रहती थी समूह से जुड़कर वह स्ट्डी सौलर लैम्प केन्द्र में आज मेहनत कर 6 से 8 हजार रु कमा रही है। समय से केन्द्र पर आना एवं समय से वापस घर लौटना उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया है। रोजगार पाकर महिलाएं काफी खुश है कि हम मेहनत कर खुद कमा रहे हैं एवं घर के खर्चों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।वही परिवार का भविष्य (बच्चा) जो स्वच्छ रौशनी के अभाव में अच्छि पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे। लैम्प मिल जाने से उन्हें स्वच्छ रौशनी मिल पा रही है। किरोसिन की ढ़िबरी से उन्हें मुक्ति मिल गई ,रात में होमवर्क पूरा करने में उन्हें मदद मिल रही है। स्वच्छ एवं सुंदर रौशनी मिलने से बच्चे काफी काफी खुश हैं।कुल मिलाकर कहें तो बच्चों को मिला रौशनी एवं माँ को मिला रोजगार वाली योजना है। इस अवसर पर उच्च प्रार्थमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. सकील अहमद ने भारत सरकार सरकार के इस योजना का काफी प्रशंसा किये एवं कहे कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को स्ट्डी सौलर लैम्प मिलने से शिक्षा के क्षेत्र में काफी मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर प्रार्थमिक विद्यालय दुद्धी(प्रथम) के प्रधानाध्यापक रेनु कनौजिया, सहायक अध्यापक सगुफ्ता बानो, निभा चौरसिया, शशि प्रभा ,डिस्ट्रीब्यूटर चंदा गोस्वामी आदि मौजूद रहे।

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