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आशाएं स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है, डीएम

सोनभद्र(सीके मिश्रा)आशाएं स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है, जन स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर तरीके से गांव स्तर पर घर-घर तक पहुंचाने के लिए आशा ही सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। आशाओं को मजबूती प्रदान किये बिना जन स्वास्थ्य सुविधाएं जन-जन तक पहुंचा पाना मुमकिन नहीं। आशाएं वाकई क्षेत्रों में काफी मेहनत करती हैं और विभिन्न निरीक्षण के दौरान आशा बहुएं अपनी ड्यूटी निभाते हुए मिलती भी हैं, लिहाजा आशाओं को सम्मान देते हुए उनके मानदेय का भुगतान आदि समय से किया जाय। आशा बहुएं भी संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दें। 
उक्त बातें जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने आज राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तत्वाधान में आयोजित ‘‘जिला स्तरीय आशा सम्मेलन‘‘ की अध्यक्षता करते हुए स्थानीय कृषि उत्पादन मण्डी समिति राबर्ट्सगंज में कही।

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कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी ने दीप प्रज्जवलित करके किया। जिलाधिकारी श्री उपाध्याय ने जिले के आठों विकास खण्डों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रथम, द्वितीय तृतीय ‘‘आशा बहुंओं‘‘ को प्रशस्ति-पत्र व क्रमशः 5 हजार, 2 हजार व 1 हजार रूपये का स्वीकृृति-पत्र प्रदान करते हुए हौसला अफजाई कर कहा कि सोनभद्र जिले की आशा बहुंए काफी मेहनत कर रही है, और भविष्य में भी इन्हें मेहनत करने की जरूरत है।

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जिलाधिकारी श्री उपाध्याय ने आशा बहुंओं की तारीफ करते हुए कहा कि आशा बहुंए स्वास्थ्य विभाग की एक ऐसी कड़ी है, जिनकी पहुंच जिले के हर गांव के हर घर तक है। आशा बहुंओं ने ग्रामीण क्षेत्र में 102 व 108 नम्बर की एम्बुलेंस सेवाओं का भी काफी प्रचार-प्रसार किया है, जिसका फायदा आम नागरिक उठा रहे हैं। इस मौके पर जिलाधिकारी ने 3 आशा संगनियों को भी प्रशस्ति-पत्र व स्वीकृति -पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाले डाक्टर, सुपरवाईजर, एएनएम आदि को भी प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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जिलाधिकारी श्री उपाध्याय ने जिले के सभी ‘‘आशा बहुओं‘‘ का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि

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कुछ आशा बहुएं अच्छा काम रही हैं, कुछ बहुएं तमाम हिदायतों के बाद भी अपने कार्य में सुधार नहीं ला रही हैं। काम न करने वाली आशा बहुओं के खिलाफ कार्यवाही करने से पहले सुधार का मौका भी दिया जायेगा और न सुधरने पर बाहर का रास्ता भी दिखाया जायेगा। उन्होंने मौके पर मौजूद मुख्य चिकित्साधिकारी को हिदायत दी कि जिला स्वास्थ्य समिति की होने वाले बैठकों में ब्लाकवार दो-दो बेहतर काम करने वाली और दो-दो खराब काम करने वाली आशा बहुओं को आमंत्रित करते हुए उनकी कार्य प्रणाली की समीक्षा की जायेगी।
जिलाधिकारी ने जन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्मिकों से अपील किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और शिक्षा के प्रति आम नागरिकों को अधिकाधिक जागरूक करें, ताकि सोनभद्र का साक्षरता दर भी बढ़ें। जिलाधिकारी श्री उपाध्याय ने कहा कि गांव स्तर पर तैनात ‘‘आशा बहुओं‘‘ के साथ ही अन्य कर्मचारी सरकारी सेवाओं/योजनाओं  के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने लगे तो गांव की तस्वीर जरूर बदल जायेगी और बदल भी रही है। जिलाधिकारी श्री उपाध्याय व मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एस0पी0 सिंह ने ‘‘आशा बहुओं‘‘ को प्रशस्ति-पत्र व पुरस्कार राशि प्रदान करते हुए कहा कि आशाओं को सम्मानित करना आशाओं का हौसला बढ़ाने का विषय है। उन्होंने कहा कि जिले की ‘‘आशा बहुएं‘‘ अच्छा कार्य करती हैं, जो कार्य गांव, देहात और घर-घर तक किये जाते हैं, उन्हीं कार्यो से सरकार के छवि का मूल्यांकन किया जाता है, लिहाजा लोकप्रिय सरकार की छवि बेहतर बनाने के लिए ‘‘आशा बहुएं‘‘ पूरे मनोयोग से कार्य करते हुए सरकार की छवि बेहतर बनायें।
जिला स्तरीय आशा सम्मेलन को जिलाधिकारी श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एस0पी0 सिंह, जिला प्रबन्धक श्री श्रीवास्तव, सूचना विभाग के नेसार अहमद, उत्कृष्ट ‘‘आशा बहुओं‘‘ आदि ने सम्बोधित किया। समारोह के अवसर पर जिले के स्वास्थ्य विभाग के आलावा अधिकारियों के साथ ही जिले के आठों विकास खण्डों से भारी मात्रा में आशा बहुएं, एएनएनएम, प्रभारी चिकित्साधिकारीगण आदि मौजूद रहें। 

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